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Sirmour News: सड़क सुविधा के लिए कंडेला गांव तरसा, सरकार के वादे हवा

Thu, 06 Nov 2025 11:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:41 PM IST
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Kandela village yearns for road connectivity, government promises go in vain
पांवटा से महज 14 किलोमीटर दूर गांव के लोग झेल रहे परेशानी
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बच्चों को पांच किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। शहर से महज 14 किलोमीटर दूर स्थित गांव कंडेला आजादी के 78 साल बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है। यहां के लोग अब भी कच्चे रास्तों और नेताओं की वायदा खिलाफी के बीच जिंदगी काटने को विवश हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में सड़क निर्माण का मुद्दा जोर-शोर से उठता है, लेकिन नतीजा हमेशा वही, सिर्फ आश्वासन। चुनाव आते हैं तो नेता गांव पहुंचकर कहते हैं कि कंडेला तक सड़क जरूर पहुंचाई जाएगी, परंतु जीत के बाद किसी को इस गांव की सुध नहीं रहती।
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कंडेला पंचायत की कहानी विकास के दावों की पोल खोलती है। गांव में लगभग 80 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति से संबंधित है। गांव की जनसंख्या करीब 500 के आसपास है। अधिकांश लोग खेती-बाड़ी और मजदूरी करते हैं। खेती के लिए जमीन उपजाऊ होने के बावजूद सड़क, सिंचाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी सपना बनी हुई हैं।
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पहले यह इलाका शिलाई विधानसभा क्षेत्र में आता था। परिसीमन के बाद अब यह पांवटा विधानसभा में शामिल है। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रेणु मंच से पुरूवाला से अंबिवाला होते हुए कंडेला तक दो किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन 2017 में सरकार बदलते ही यह फाइल ठंडे बस्ते में चली गई।
ग्रामीण रंगी लाल, धनवीर, तुलसी राम, नेत्र सिंह, अमित शर्मा, हिरदाराम, चरण सिंह, मोहिराम, बलबीर, निर्मल और रामलाल ने कहा कि वे बुनियादी सुविधाओं की राह देखते-देखते थक चुके हैं। लोगों का कहना है कि जब वोट चाहिए होते हैं तब मंत्री, विधायक, प्रधान या जिला परिषद सदस्य गांव पहुंच जाते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता।
गांव के बच्चों को आज भी पांच किलोमीटर पैदल चलकर अंबोया स्कूल जाना पड़ता है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को जंगली और कच्चे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।

लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द कंडेला पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि लंबे समय से पथराई उम्मीदों को राहत मिल सके।
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता शुरवीर सिंह ने बताया कि फिलहाल इस मार्ग निर्माण के लिए कोई बजट व्यवस्था नहीं हुई है। फिर भी यह मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि लोगों को आगे परेशानी न हो।
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