{"_id":"66aa2e0a468d63964a0e563c","slug":"kambad-yatra-in-ponta-nahan-news-c-177-1-ssml1030-129329-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अनोखे कांवड़ यात्रा के रंग, शिवभक्त गंगाजल भरकर लौट रहे वापिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अनोखे कांवड़ यात्रा के रंग, शिवभक्त गंगाजल भरकर लौट रहे वापिस
विज्ञापन
अनोखे कांवड़ यात्रा के अनोखे रंग, गंगाजल भरकर लौट रहे कांवड़: संवाद
अनोखे कांवड़ यात्रा के रंग, शिवभक्त गंगाजल भरकर लौट रहे वापस
सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग अभिषेक, नन्हें कांवड़ आकर्षण के केंद्र
पांवटा साहिब और माजरा कांवड़ सेवा केंद्रों में यात्रियों की हो रही सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। इस वर्ष 22 जुलाई से 2 अगस्त तक कांवड़ यात्रा चल रही है। बारिश भी भक्तों के कदम नहीं रोक पा रही। एक से बढ़कर एक अनोखे कांवड़ा यात्रा के रंग नजर आ रहे हैं। छोटे कांवड़ यात्रा के दौरान खूब आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
हिंदू धर्म में भोलेबाबा को प्रसन्न करने के लिए सावन में ही कांवड़ यात्रा का आयोजना होता है। शिव भक्त कांवड़ में गंगा जल भरने जा रहे हैं। कुछ कांवड़ में गंगाजल भरकर लौट रहे हैं क्योंकि शुक्रवार को सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग का अभिषेक किया जाना है।
हेमंत गुप्ता, विनय गुप्ता, नरेश अग्रवाल, हिमांशू मितल, मयंक महावर, रामकुमार, हरिराम, आदर्श शर्मा, रोहित, दिनेश कुमार, पवन राणा, राहुल चौधरी व गुंजन ने कहा कि सावन माह में शिव भक्त गंगातट पर कलश में गंगाजल भरते हैं। उसको कांवड़ पर बांध कर कंधों पर लटका कर अपने इलाके के शिवालय में शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करते हैं।
विज्ञापन
कांवड़ सेवा केंद्र ने कहा कि अंतिम दो दिन सबसे ज्यादा शिव भक्त कांवड़ियों के दल पहुंच रहे। इनकी देखभाल को भगवान शिव की सेवा करने जैसा माना जाता है।
पड़ोसी राज्य हरियाणा के खिदराबाद, छछरोली व बिलासपुर के छोटे-छोटे कांवड़ सदस्य खूब आकर्षण का केंद्र रहे। हरिद्वार से वापस लौट रहे कांवड़ दल के छोटे सदस्यों नितिन (14), सोनू (16), अंशुमन (12) और जुगल ने कहा कि भोलेनाथ के सेवक हैं। अपने बुजुर्गों से सुना है कि कांवड़ सेवा करने वालों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है। रास्ते में विकासनगर के हबर्टपुर, पांवटा साहिब व माजरा के लोगों ने कई जगहों पर कांवड़ सेवा केंद्र लगाए हैं। इसमें हलवा-पूरी, छोले, तरह-तरह की सब्जियां, कड़ी-चावल समेत तरह-तरह के पकवान परोसे जा रहे हैं।
बाक्स...
नियम : कांवड़ को जमीन पर नहीं रखते
: कांवड़ यात्रा करने वाले भक्तों को कांवड़ियां कहा जाता है। कांवड़ यात्रा पर जाने वाले भक्तों को इस दौरान खास नियमों का पालन करना होता है। भक्तों को पैदल यात्रा करनी होती है। इस दौरान सात्विक भोजन सेवन करना होता है। आराम करते समय कांवड़ को जमीन पर नहीं रखते हैं।
बाक्स...
-नाचो बम-बम लहरी भजन की धूम
- हरियाणा और हिमाचल के हरिद्वार जाने वाले कांवड़ियों के ट्रैक्टर या ट्रकों पर
डीजे में भजनों की खूब धूम रही है। सबसे ज्यादा भजन बम लहरी, नाचो बम लहरी, बम-बम भोले, बाबा ने बुलाया, कांवड़ शिव की उठाओ, दिल कहे भोले भोले, सावन में शिव नगरी चले
हम व बम-बम शिव लहरी भजनों की खूब गूंज रही है।
संवाद
विज्ञापन
सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग अभिषेक, नन्हें कांवड़ आकर्षण के केंद्र
पांवटा साहिब और माजरा कांवड़ सेवा केंद्रों में यात्रियों की हो रही सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। इस वर्ष 22 जुलाई से 2 अगस्त तक कांवड़ यात्रा चल रही है। बारिश भी भक्तों के कदम नहीं रोक पा रही। एक से बढ़कर एक अनोखे कांवड़ा यात्रा के रंग नजर आ रहे हैं। छोटे कांवड़ यात्रा के दौरान खूब आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
हिंदू धर्म में भोलेबाबा को प्रसन्न करने के लिए सावन में ही कांवड़ यात्रा का आयोजना होता है। शिव भक्त कांवड़ में गंगा जल भरने जा रहे हैं। कुछ कांवड़ में गंगाजल भरकर लौट रहे हैं क्योंकि शुक्रवार को सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग का अभिषेक किया जाना है।
विज्ञापन
हेमंत गुप्ता, विनय गुप्ता, नरेश अग्रवाल, हिमांशू मितल, मयंक महावर, रामकुमार, हरिराम, आदर्श शर्मा, रोहित, दिनेश कुमार, पवन राणा, राहुल चौधरी व गुंजन ने कहा कि सावन माह में शिव भक्त गंगातट पर कलश में गंगाजल भरते हैं। उसको कांवड़ पर बांध कर कंधों पर लटका कर अपने इलाके के शिवालय में शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करते हैं।
विज्ञापन
कांवड़ सेवा केंद्र ने कहा कि अंतिम दो दिन सबसे ज्यादा शिव भक्त कांवड़ियों के दल पहुंच रहे। इनकी देखभाल को भगवान शिव की सेवा करने जैसा माना जाता है।
पड़ोसी राज्य हरियाणा के खिदराबाद, छछरोली व बिलासपुर के छोटे-छोटे कांवड़ सदस्य खूब आकर्षण का केंद्र रहे। हरिद्वार से वापस लौट रहे कांवड़ दल के छोटे सदस्यों नितिन (14), सोनू (16), अंशुमन (12) और जुगल ने कहा कि भोलेनाथ के सेवक हैं। अपने बुजुर्गों से सुना है कि कांवड़ सेवा करने वालों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है। रास्ते में विकासनगर के हबर्टपुर, पांवटा साहिब व माजरा के लोगों ने कई जगहों पर कांवड़ सेवा केंद्र लगाए हैं। इसमें हलवा-पूरी, छोले, तरह-तरह की सब्जियां, कड़ी-चावल समेत तरह-तरह के पकवान परोसे जा रहे हैं।
बाक्स...
नियम : कांवड़ को जमीन पर नहीं रखते
: कांवड़ यात्रा करने वाले भक्तों को कांवड़ियां कहा जाता है। कांवड़ यात्रा पर जाने वाले भक्तों को इस दौरान खास नियमों का पालन करना होता है। भक्तों को पैदल यात्रा करनी होती है। इस दौरान सात्विक भोजन सेवन करना होता है। आराम करते समय कांवड़ को जमीन पर नहीं रखते हैं।
बाक्स...
-नाचो बम-बम लहरी भजन की धूम
- हरियाणा और हिमाचल के हरिद्वार जाने वाले कांवड़ियों के ट्रैक्टर या ट्रकों पर
डीजे में भजनों की खूब धूम रही है। सबसे ज्यादा भजन बम लहरी, नाचो बम लहरी, बम-बम भोले, बाबा ने बुलाया, कांवड़ शिव की उठाओ, दिल कहे भोले भोले, सावन में शिव नगरी चले
हम व बम-बम शिव लहरी भजनों की खूब गूंज रही है।
संवाद

अनोखे कांवड़ यात्रा के अनोखे रंग, गंगाजल भरकर लौट रहे कांवड़: संवाद

अनोखे कांवड़ यात्रा के अनोखे रंग, गंगाजल भरकर लौट रहे कांवड़: संवाद

अनोखे कांवड़ यात्रा के अनोखे रंग, गंगाजल भरकर लौट रहे कांवड़: संवाद

अनोखे कांवड़ यात्रा के अनोखे रंग, गंगाजल भरकर लौट रहे कांवड़: संवाद

अनोखे कांवड़ यात्रा के अनोखे रंग, गंगाजल भरकर लौट रहे कांवड़: संवाद