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डबललेन होंगी दुर्गम सड़कें, सुधरेगी जीवनशैली
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नाहन (सिरमौर)। जिले के अति दुर्गम रोनहाट और शिलाई इलाकों की लाइफ लाइन अब आसान होगी। पांवटा साहिब से गुम्मा, फेडिज, मीनस-हाटकोटी के नेशनल हाईवे 707 को चौड़ा करने के बाद इन इलाकों में आवागमन सरल हो जाएगा। केंद्र सरकार की इस महत्वकांक्षी परियोजना को छह अलग-अलग चरणों में बनाया जा रहा है। सभी को शिलान्यास केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मनाली से ऑनलाइन किया। इस महत्वकांक्षी परियोजना पर कुल 1431 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा।
लगभग 104 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद शिमला जिले के किसानों-बागवानों को भी सहूलियत होगी। परियोजना का पहला चरण पांवटा से हेवना की लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। हेवना से अश्यारी तक बनने वाले डबल लेन की लंबाई 25, अश्यारी से श्रीक्यारी डबल लेन की लंबाई 25, श्रीक्यारी से गुम्मा की 20 किमी और गुम्मा से फेडिज इंटर मीडिएट लेने निर्माण की लंबाई नौ किलोमीटर है। इसके अलावा पांवटा-राजबन-शिलाई-मीनस-हाटकोटी तक की 13 किलोमीटर सड़क को 94 करोड़ रुपये से डबललेन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सड़क बनने के बाद शिलाई क्षेत्र ही नहीं बल्कि शिमला क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। इस रूट से अपनी फसलों को सब्जी मंडियों तक पहुंचाना शिमला क्षेत्र के लोगों के लिए भी आसान होगा। वहीं, उत्तराखंड जाने वाले लोगों को भी सहूलियत होगी। गौरतलब है कि इन दिनों इस सड़क के कई फेस का कार्य शुरू हुआ है। अलग-अलग चरण में भू हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। सड़क निर्माण में वन विभाग के तहत कई पेड़ काटे जाएंगे। वहीं, लोगों के आशियानों पर भी बुल्डोजर चलेगा। हालांकि, सभी विस्थापितों को मुआवजा दिया जाएगा।
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लगभग 104 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद शिमला जिले के किसानों-बागवानों को भी सहूलियत होगी। परियोजना का पहला चरण पांवटा से हेवना की लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। हेवना से अश्यारी तक बनने वाले डबल लेन की लंबाई 25, अश्यारी से श्रीक्यारी डबल लेन की लंबाई 25, श्रीक्यारी से गुम्मा की 20 किमी और गुम्मा से फेडिज इंटर मीडिएट लेने निर्माण की लंबाई नौ किलोमीटर है। इसके अलावा पांवटा-राजबन-शिलाई-मीनस-हाटकोटी तक की 13 किलोमीटर सड़क को 94 करोड़ रुपये से डबललेन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सड़क बनने के बाद शिलाई क्षेत्र ही नहीं बल्कि शिमला क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। इस रूट से अपनी फसलों को सब्जी मंडियों तक पहुंचाना शिमला क्षेत्र के लोगों के लिए भी आसान होगा। वहीं, उत्तराखंड जाने वाले लोगों को भी सहूलियत होगी। गौरतलब है कि इन दिनों इस सड़क के कई फेस का कार्य शुरू हुआ है। अलग-अलग चरण में भू हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। सड़क निर्माण में वन विभाग के तहत कई पेड़ काटे जाएंगे। वहीं, लोगों के आशियानों पर भी बुल्डोजर चलेगा। हालांकि, सभी विस्थापितों को मुआवजा दिया जाएगा।
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