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सिरमौर में ठेकेदार हड़ताल पर, करोड़ों रुपये के विकास कार्य ठप

Tue, 08 Feb 2022 10:51 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 10:51 PM IST
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in sirmaur district contractor association strike  continious  on secone days
पांवटा साहिब में ठेकेदार संघ की पांवटा साहिब इकाई के सदस्य अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए? - फोटो : NAHAN
नाहन/पांवटा साहिब (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में दूसरे दिन भी ठेकेदारों की हड़ताल जारी रही। ठेकेदारों के हड़ताल पर जाने से कई निर्माण व विकास कार्य बंद हो गए हैं। हालांकि, अभी कार्यों पर इतना अधिक असर नहीं हुआ है लेकिन हड़ताल जारी रही तो करोड़ों के कार्य ठप होंगे।
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लोक निर्माण विभाग सहित अन्य कई विभागों में करोड़ों के विकास कार्य चल रहे हैं। विभाग के एक-एक उपमंडल में भी करोड़ों के कार्य हैं, जिन पर हड़ताल का सीधा असर पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश ठेकेदार पांवटा उप मंडल इकाई ने मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर विभिन्न कार्यालयों के बाहर जमकर नारेबाजी की।
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ठेकेदारों ने सरकार से खनन नियमों में संशोधन कर सरलीकरण करने की मांग पूरी करने की मांग की। ठेकेदार संघ पांवटा इकाई अध्यक्ष राजेश बंसल, डीएस ठाकुर व विकास शर्मा ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में ठेकेदारों का खास योगदान रहता है। मांगों को लेकर ठेकेदार संघ प्रदेश इकाई के आह्वान पर दो फरवरी से कार्य बहिष्कार करने का फैसला लिया था लेकिन सरकार ने कोई समाधान नहीं निकाला।
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इसके चलते अब हड़ताल की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में डब्ल्यू फार्म और जीएसटी की राशि का भुगतान न होने से ठेकेदार हड़ताल पर हैं। प्रदेश में विकास के कार्य ठप हो गए हैं। अब, ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में भी भाग नहीं लेंगे। सोमवार को एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा गया है, जिसमें सरकार से खनन नियमों में संशोधन कर सरलीकरण की मांग उठाई है।

लोक निर्माण एवं अन्य विभागों के पास दीवाली से ठेकेदारों की करोड़ों की राशि फंसी है। ठेकेदार कई सरकारी भवनों, सड़कों के अलावा डंगों के काम कर चुके हैं। अब ठेकेदारों से डब्ल्यू फॉर्म मांगे जा रहे हैं। ठेकेदार एक जुलाई 2017 से पहले के कार्यों पर पूरा रिफंड मांग रहे हैं लेकिन कोई राशि नहीं दी गई है। इसके चलते दूसरे दिन भी काम बंद कर हड़ताल जारी रखी गई।
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