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Sirmour News: खनन सामग्री के लिए मजदूरों का जीवन ही लगाया जा रहा दांव पर
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मजदूरों की जान को जोखिम में डाल कर मंदिर घाट के समीप यमुना नदी से रेत बजरी निकलवाते अवैधखननका
खनन सामग्री के लिए मजदूरों का जीवन ही लगाया जा रहा दांव पर
सख्त प्रशासनिक चेतावनी के बावजूद यमुना नदी में अवैध खनन जारी
मजदूरों की जान जोखिम में डालने वालों पर हो कार्रवाई : पंकज भटनागर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बरसात शुरू होने से पहले जिला और स्थानीय प्रशासन ने नदियों में नहीं उतरने की चेतावनी जारी की है। बीच-बीच में मूसलाधार बारिश होने पर नदी नाले उफान पर आ रहे हैं। बावजूद इसके कुछ सिक्कों के लालच में मजदूरों का जीवन दांव पर लगाया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने अवैध खननकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
स्थानीय निवासी एसएस गुप्ता, समाजसेवी पंकज भटनागर, मनिंद्र सिंह, संजीव नागपाल, रघुवीर सिंह व पिंकू तोमर ने बताया कि हर वर्ष बरसात में नदी में अचानक जल स्तर काफी बढ़ जाता है, लेकिन अवैध खननकारी मजदूरों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। हिमाचल-उत्तराखंड राज्य सीमा पर बहती यमुना नदी में पुजारी घाट व एनएच पर बने पुल के बीच अब भी बीच-बीच में अवैध खनन कर रेत बजरी निकाली जा रही है।
मजदूर फावड़े-कुदाल से खुदाई करके रेत इकट्ठा कर रहे हैं और ट्रैक्टरों में लोड कर रहे हैं। जबकि, जिला व स्थानीय प्रशासन से नदी नालों में नहीं उतरने की चेतावनी दी जा चुकी है। ऐसे में दर्जनों मजदूरों को नदी में उतार कर रेत बजरी उठाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी जरूरी है। हर वर्ष नदी नालों के बीच लोग फंसते रहे हैं। इनको निकालने के लिए प्रशासन व पुलिस टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ती रही है।
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बता दें कि जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा की ओर से पहले ही एक पत्र जारी किया है जिसमें एक जुलाई से 15 सितंबर तक मानसून सत्र के दौरान नदी में किसी भी तरह की खनन गतिविधियों पर रोक लगाई है। प्रशासन ने बरसात के मौसम में नदी नालों में नहीं उतरने के बारे में चेतावनी दी है। बरसात शुरू होने से पहले पांवटा साहिब में यमुना नदी का जल स्तर गर्मियों में बेहद कम हो गया था।
यात्रियों को पवित्र स्नान करने में भी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन बरसात शुरू होने पर ऊपरी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद जिले के जटोन बैरान, उत्तराखंड के बैराजों से गेट खोल कर पानी छोड़ा गया। इसके बाद से बीच बीच में बारिश होती रही जिससे जल स्तर बढ़ता रहा है।
कार्यकारी एसडीएम और तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने बताया कि इस तरह की सूचनाएं मिल रहीं हैं। इसके बाद खनन विभाग और पुलिस विभाग को अवैध खनन करने वालों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
.......संवाद
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सख्त प्रशासनिक चेतावनी के बावजूद यमुना नदी में अवैध खनन जारी
मजदूरों की जान जोखिम में डालने वालों पर हो कार्रवाई : पंकज भटनागर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बरसात शुरू होने से पहले जिला और स्थानीय प्रशासन ने नदियों में नहीं उतरने की चेतावनी जारी की है। बीच-बीच में मूसलाधार बारिश होने पर नदी नाले उफान पर आ रहे हैं। बावजूद इसके कुछ सिक्कों के लालच में मजदूरों का जीवन दांव पर लगाया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने अवैध खननकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
स्थानीय निवासी एसएस गुप्ता, समाजसेवी पंकज भटनागर, मनिंद्र सिंह, संजीव नागपाल, रघुवीर सिंह व पिंकू तोमर ने बताया कि हर वर्ष बरसात में नदी में अचानक जल स्तर काफी बढ़ जाता है, लेकिन अवैध खननकारी मजदूरों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। हिमाचल-उत्तराखंड राज्य सीमा पर बहती यमुना नदी में पुजारी घाट व एनएच पर बने पुल के बीच अब भी बीच-बीच में अवैध खनन कर रेत बजरी निकाली जा रही है।
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मजदूर फावड़े-कुदाल से खुदाई करके रेत इकट्ठा कर रहे हैं और ट्रैक्टरों में लोड कर रहे हैं। जबकि, जिला व स्थानीय प्रशासन से नदी नालों में नहीं उतरने की चेतावनी दी जा चुकी है। ऐसे में दर्जनों मजदूरों को नदी में उतार कर रेत बजरी उठाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी जरूरी है। हर वर्ष नदी नालों के बीच लोग फंसते रहे हैं। इनको निकालने के लिए प्रशासन व पुलिस टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ती रही है।
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बता दें कि जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा की ओर से पहले ही एक पत्र जारी किया है जिसमें एक जुलाई से 15 सितंबर तक मानसून सत्र के दौरान नदी में किसी भी तरह की खनन गतिविधियों पर रोक लगाई है। प्रशासन ने बरसात के मौसम में नदी नालों में नहीं उतरने के बारे में चेतावनी दी है। बरसात शुरू होने से पहले पांवटा साहिब में यमुना नदी का जल स्तर गर्मियों में बेहद कम हो गया था।
यात्रियों को पवित्र स्नान करने में भी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन बरसात शुरू होने पर ऊपरी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद जिले के जटोन बैरान, उत्तराखंड के बैराजों से गेट खोल कर पानी छोड़ा गया। इसके बाद से बीच बीच में बारिश होती रही जिससे जल स्तर बढ़ता रहा है।
कार्यकारी एसडीएम और तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने बताया कि इस तरह की सूचनाएं मिल रहीं हैं। इसके बाद खनन विभाग और पुलिस विभाग को अवैध खनन करने वालों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
.......संवाद