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Sirmour News: स्टाफ की कमी से जिले में बढ़ा अवैध खनन
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रात के अंधेरे में खनन कर पड़ोसी राज्य में भेजी जा रही सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। जिले में अवैध खनन लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन खनन विभाग में स्टाफ की कमी के चलते इस पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होता जा रहा है। जिले का अधिकांश हिस्सा हरियाणा की सीमा से सटा है। इस लिहाज से सीमावर्ती इलाकों में अवैध खनन करने वाले दिन-रात सक्रिय रहते हैं। विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण विभाग को अवैध खनन पर अंकुश लगाना कठिन हो रहा है।
जिला के पांवटा साहिब, कालाअंब और अन्य क्षेत्रों में यमुना, गिरि, टोंस, रून और मारकंडा नदी बहती हैं। यहां रेत, बजरी और पत्थर खनन किया जा रहा है। हरियाणा की सीमा साथ लगने के कारण अवैध खनन करने वाले तत्व रात के अंधेरे में खनन कर सामग्री को ट्रकों में भरकर पड़ोसी राज्य में भेज रहे हैं।
हालांकि पुलिस और वन विभाग ने कई बार छापेमारी की और वाहनों को जब्त कर भारी जुर्माना भी वसूला गया, लेकिन खनन विभाग में स्टाफ का टोटा और सीमित संसाधनों के चलते अन्य विभागों पर अतिरिक्त कार्य का बोझ बढ़ रहा है।
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बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब, पालियों, माजरी, चूड़न और हरियाणा के साथ लगते क्षेत्रों में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में अधिकांश अवैध खनन पर कार्रवाई पुलिस विभाग ही कर रहा है।
जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने बताया कि जिले का अधिकांश क्षेत्र सीमावर्ती हैं, जो खनन के लिहाज से अति संवेदनशील हैं। विभाग में स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते अवैध खनन पर कार्रवाई करने में भारी दिक्क़तों का सामना करना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। जिले में अवैध खनन लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन खनन विभाग में स्टाफ की कमी के चलते इस पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होता जा रहा है। जिले का अधिकांश हिस्सा हरियाणा की सीमा से सटा है। इस लिहाज से सीमावर्ती इलाकों में अवैध खनन करने वाले दिन-रात सक्रिय रहते हैं। विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण विभाग को अवैध खनन पर अंकुश लगाना कठिन हो रहा है।
जिला के पांवटा साहिब, कालाअंब और अन्य क्षेत्रों में यमुना, गिरि, टोंस, रून और मारकंडा नदी बहती हैं। यहां रेत, बजरी और पत्थर खनन किया जा रहा है। हरियाणा की सीमा साथ लगने के कारण अवैध खनन करने वाले तत्व रात के अंधेरे में खनन कर सामग्री को ट्रकों में भरकर पड़ोसी राज्य में भेज रहे हैं।
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हालांकि पुलिस और वन विभाग ने कई बार छापेमारी की और वाहनों को जब्त कर भारी जुर्माना भी वसूला गया, लेकिन खनन विभाग में स्टाफ का टोटा और सीमित संसाधनों के चलते अन्य विभागों पर अतिरिक्त कार्य का बोझ बढ़ रहा है।
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बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब, पालियों, माजरी, चूड़न और हरियाणा के साथ लगते क्षेत्रों में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में अधिकांश अवैध खनन पर कार्रवाई पुलिस विभाग ही कर रहा है।
जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने बताया कि जिले का अधिकांश क्षेत्र सीमावर्ती हैं, जो खनन के लिहाज से अति संवेदनशील हैं। विभाग में स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते अवैध खनन पर कार्रवाई करने में भारी दिक्क़तों का सामना करना पड़ रहा है।