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Sirmour News: शादी में अधिक खर्च किया तो देवता को साक्षी मानकर होगा बहिष्कार

Thu, 07 Nov 2024 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर Updated Thu, 07 Nov 2024 11:32 PM IST
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If you spend too much on a wedding, there will be mass boycott considering the deity as witness.
खास खबर--
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शिलाई उपमंडल की द्राबिल पंचायत में अब गरीबों पर नहीं पड़ेगी आर्थिक मार
ईष्ट देवता महासू के प्रांगण में लिया फैसला, गलत रिवाज छोड़ने की खाई कसम
जगत सिंह तोमर
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई उपमंडल की ग्राम पंचायत द्राबिल के लोगों ने शादी-विवाह में हो रहे अत्यधिक खर्चे को कम करने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। पंचायत के लोगों ने निर्णय लिया है कि लड़के की शादी में अब एक ही दिन भोज दिया जाएगा। इससे पहले यहां लड़के की शादी में चार दिन तक भोज देने की प्रथा थी। इसमें लाखों रुपये का खर्चा हो रहा था और गरीब परिवारों पर अधिक बोझ पड़ रहा था। ऐसे में इस निर्णय को न मानने पर उस परिवार को दंडित करने और उसका सामूहिक बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है।
गौरतलब रहे कि पंचायत में अब तक लड़के की शादी में चार दिन तक उत्सव होता रहा है। पहले दिन माता का स्वागत, दूसरे दिन बारात लेकर जाना और दुल्हन को लाना, तीसरे दिन दोपहर का भोजन और इसके बाद पुलटोज की प्रथा है। चार दिन तक यहां लगातार शादी का आयोजन चलता रहता हैए जिसमें लाखों रुपये का खर्च हो रहे थे। अमीर परिवारों को तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है लेकिन गरीब तबके के लोगों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। निर्धन परिवारों के लिए यह रीति रिवाज कई पीढि़यों को कर्जदार बना रही थी। लोगों को जमीन तक बेचने की नौबत आ जाती है।
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ऐसे में अब लोगों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि दुल्हन आने के बाद सिर्फ एक ही भोज दिया जाएगा। लड़की की शादी में भी यही प्रथा कायम रहेगी। यह निर्णय गांव के ईष्ट देवता महासू के प्रांगण में लिया गया। इसमें सभी ने देवता की कसम खाई और गलत व खर्चीले रिवाज छोड़ने का निर्णय लिया।
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यह भी निर्णय लिया गया कि जो भी इस फैसले का उल्लंघन करेगा उसका हुक्का पानी बंद (छींग) कर दिया जाएगा और उसे अर्थदंड जिसमें बकरा और पूरे गांव को भोज भी देना पड़ेगा।

द्राबिल पंचायत के प्रधान मदन शर्मा, पूर्व प्रधान बस्तीराम शर्मा, जगतराम, लाखीराम, दुलाराम ने इस सामूहिक निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि महासू देवता को साक्षी मानते हुए इस निर्णय का उल्लंघन करने वाले को दंडित किया जाएगा और सामूहिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
----संवाद
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