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एचआरटीसी की बसों के पहिए थमे
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:10 PM IST
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टनल में काम करने वाले मजदूर नारेबाजी करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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नाहन/ राजगढ़/ पांवटा साहिब (सिरमौर)। एचआरटीसी की प्रदेशव्यापी हड़ताल का सिरमौर जिला में व्यापक असर देखने को मिला। जिला के लगभग 130 बस रूटों पर एचआरटीसी की बस सेवा पूर्ण रूप से बंद रही जिससे एचआरटीसी को लगभग नौ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
एचआरटीसी बसों के पहिए थमने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, सरकारी एवं गैर सरकारी कर्मचारियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके। जबकि कई लोगों को अपना टूअर प्रोग्राम रद्द करना पड़ा। बाहरी राज्यों को जाने वाले और आने वाले यात्री सफर नहीं कर सके। कई यात्रियों को निजी टैक्सी कर भारी खर्चा उठाना पड़ा।
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नाहन और पांवटा बस स्टैंड पर परिवहन कर्मचारियों ने धरना दिया और एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती तब तक चक्का जाम रहेगा। हड़ताल के कारण बस स्टैंड में यात्रियों को घंटों तक निजी बसों का इंतजार करना पड़ा। कई लोग टैक्सी का सहारा लेने को मजबूर हुए। एचआरटीसी की पड़ोसी राज्यों को जाने वाली बसें भी बंद रहीं। अन्य राज्यों से आवागमन करने वाले यात्रियों व पर्यटकों को काफी दिक्कतें हुई।
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संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह ठाकुर व प्रधान कन्हैया लाल ने कहा कि एचआरटीसी प्रबंधन कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है।
बॉक्स के लिए
यह है परिवहन कर्मियों की मांगें
परिवहन कर्मचारी एचआरटीसी को रोडवेज बनाने, पेंशन व भत्तों को बजट का प्रावधान करने, अवैध संचालन पर रोक लगाने, पीस-मील को एक अनुबंध नीति के तहत लाने, सभी वाहनों का इश्योरेंस करवाने, करोड़ों रुपयों की भत्ते को ब्याज समेत प्रदान करने, कर्मशालाओं की मरम्मत व रखरखाव करने, ट्रस्ट से खर्च किए 150 करोड़ रुपये एक मुश्त जमा करवाने की मांग कर रहे हैं।
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निजी बसों और टैक्सी संचालकों की चांदी
-एचआरटीसी की बसें हड़ताल पर रहीं। मंगलवार को निजी बसों, अन्य राज्यों की बसों व टैक्सी संचालकों की खूब चांदी रही। विभिन्न रूटों पर चलने वाले रोडवेज बसों के चक्का जाम का असर दिखा। बाहरी राज्यों से रोज पांवटा हजारों श्रद्धालु व यात्री पहुंचते हैं। मंगलवार को अन्य राज्यों के रोडवेज की बसों तथा टैक्सियां बुक करवा कर यात्री घर को रवाना हुए। जिला के जिन रूटों पर निगम की बसें चलती हैं वहां मंगलवार को निजी बसों में खूब भीड़ देखी गई।