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नाहन शहर के 119 पट्टाधारकों को नहीं मिला जमीन का मालिकाना हक

Thu, 29 Jul 2021 12:45 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 12:45 AM IST
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नाहन (सिरमौर)। शहर के 119 पट्टाधारक आज तक अपनी जायदाद के वारिस नहीं बन पाए हैं। सरकार को कई बार अवगत कराने के बाद भी खरीदी गई जमीन का मालिकाना हक न मिलने की वजह से पट्टाधारकों को निराशा हाथ लग रही है। दशकों पहले शहर के कई लोगों ने लीज भूमि को 600-600 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से खरीदा था।
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कई पुश्तें निकलने के बाद भी लीज धारकों को अपनी जमीन की रजिस्ट्री न होने की वजह से वारिस बनने का हक भी नहीं मिल पाया है। इससे लीज धारकों में रोष पनप रहा है। ऐसे में लीज धारक न तो अपनी जमीन का हस्तांतरण करवा पा रहे हैं। न ही बैंक से लोन की सुविधा उपलब्ध हो रही है। यहां तक कि अगली पुश्तों के नाम भी जमीन नहीं चढ़ पा रही है।
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दरअसल, 26 जून 1999 को नगर परिषद के प्रस्ताव नंबर 15 के तहत लीज भूमि को 600-600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से बेचना स्वीकृत किया था। लिहाजा, जमीन लेने के इच्छुक लोगों ने जमीन का नकद भुगतान किया। नगर परिषद ने जमीन के पट्टे लोगों को दिए लेकिन आजतक इन पट्टों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। केवल उस जमीन की ही रजिस्ट्री हो पाई है जिसकी नगर परिषद मालिक है।
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लीज धारक यूनियन के प्रधान डॉ. इंद्र सिंह तोमर ने बताया कि निदेशक शहरी विकास ने 23 मार्च 2011 की अधिसूचना में सभी नगर पालिका, नगर निगम, नगर पंचायत, बोर्ड और निगमों को राजस्व विभाग में जमीन शुद्घिकरण के निर्देश दिए लेकिन आजतक शुद्घिकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री से मिले लेकिन आश्वासन ही मिले।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी तीन बार पत्राचार किया जा चुका है। इस सरकार में भी कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि शहर के वरिष्ठ नागरिकों को अपनी जायदाद का वारिस बनने के लिए बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और नगर परिषद प्रशासन से गुहार लगाई कि इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाए ताकि लीज धारक अपने हकूक से वंचित न रहें।

नगर परिषद के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने बताया कि फिलहाल मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी इस मामले पर गंभीरता के साथ कार्रवाई की जाएगी। यदि लीज धारकों ने पैसे का भुगतान किया है तो सरकार के निर्देशानुसार मामले के समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
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