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Sirmour News: भारतीय संस्कृति, संवेदना और विविधता को जोड़ने का माध्यम है हिंदी

Mon, 18 May 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 11:58 PM IST
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hindi navlekhak samaroh
बडू साहिब में विभिन्न राज्यों से आए हिंदीतर भाषी प्रतिभागी, शोधार्थी, विद्यार्थी और शिक्षक। संव
सचित्र--
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संवाद न्यूज एजेंसी

राजगढ़ (सिरमौर)। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली और इटरनल विश्वविद्यालय बड़ू साहिब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय हिंदीतर भाषी हिंदी नवलेखक शिविर.., का उद्घाटन समारोह सोमवार को इटरनल विश्वविद्यालय बड़ू साहिब में आयोजित हुआ।

इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए हिंदीतर भाषी प्रतिभागियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ शबद-कीर्तन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में इटरनल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बाबा डॉ. देवेंद्र सिंह, कुलपति डॉ. नीलम कौर, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली के सहायक निदेशक डॉ. दीपक पाण्डेय, अधिष्ठाता प्रो. टीएस बेनीपाल और शिविर समन्वयक डॉ. अम्ब्रीश त्रिपाठी ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, सृजनात्मक लेखन और राष्ट्रीय एकता में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
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वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना और विविधता को जोड़ने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने नवलेखन की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रतिभागियों को साहित्य सृजन के प्रति प्रेरित किया। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे शिविर हिंदीतर भाषी युवाओं में हिंदी लेखन के प्रति रुचि विकसित करने तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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शिविर समन्वयक डॉ. अम्ब्रीश त्रिपाठी ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि छह दिवसीय इस आयोजन में कविता, कहानी, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत, रेखाचित्र और अन्य साहित्यिक विधाओं पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, कार्यशालाएं एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रतिभागियों को वरिष्ठ साहित्यकारों एवं भाषा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।


उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रभावी ढंग से किया गया। अंत में इटरनल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुरजन सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उद्घाटन सत्र का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

---संवाद
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