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Sirmour News: पीएचसी जमटा में निक्षय शिविर में 93 लोगों के किए एक्सरे
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जमटा में आयोजित निक्षय शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय लोग। स्रोत : विभाग
-16 लोगों को बलगम जांच के लिए किया रेफर, टीबी के लक्षण व बचाव के तरीके बताए
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। स्वास्थ्य खंड धगेड़ा की ओर से मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमटा में निक्षय एवं एक्स-रे जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान जलजनित रोगों से बचाव को लेकर भी लोगों को आवश्यक जानकारी दी गई।
कार्यवाहक चिकित्सा अधिकारी डॉ. छवि बंसल ने बताया कि शिविर में कुल 93 लाभार्थियों की एक्स-रे जांच की गई। जांच के दौरान टीबी की आशंका वाले 16 लोगों को बलगम जांच के लिए रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को टीबी के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, वजन कम होना, लगातार बुखार रहना, रात को पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए।
बीएमओ ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से टीबी को फैलने से रोका जा सकता है।
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शिविर के दौरान लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई। लोगों को स्वच्छ पानी पीने, पानी को ढककर रखने, भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।-- -- -- -
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। स्वास्थ्य खंड धगेड़ा की ओर से मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमटा में निक्षय एवं एक्स-रे जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान जलजनित रोगों से बचाव को लेकर भी लोगों को आवश्यक जानकारी दी गई।
कार्यवाहक चिकित्सा अधिकारी डॉ. छवि बंसल ने बताया कि शिविर में कुल 93 लाभार्थियों की एक्स-रे जांच की गई। जांच के दौरान टीबी की आशंका वाले 16 लोगों को बलगम जांच के लिए रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को टीबी के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, वजन कम होना, लगातार बुखार रहना, रात को पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए।
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बीएमओ ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से टीबी को फैलने से रोका जा सकता है।
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शिविर के दौरान लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई। लोगों को स्वच्छ पानी पीने, पानी को ढककर रखने, भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।