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पभार में स्क्रब टायफस से हड़कंप, चपेट में आए तीन लोग
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सतौन (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र के शिलाई की ग्राम पंचायत जामना के ग्राम पभार में स्क्रब टायफस के मामले आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। इस गांव में स्क्रब टायफस के तीन मामले सामने आए हैं, जिसमें एक व्यक्ति का निजी अस्पताल पांवटा साहिब में उपचार किया जा रहा है।
बीते 17 सितंबर को ही गांव के युवक की स्क्रब टायफस से पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। इसके बाद पूरा गांव सदमे से उभर नहीं पा रहा है। अब गांव के तीन लोग स्क्रब टायफस पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से एक व्यक्ति अभी भी पांवटा साहिब के निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। जबकि, दो लोग हाल ही में अस्पताल से ठीक होकर लौटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसानों की आजकल नकदी फसलें टमाटर, अदरक, मिर्च और मक्की आदि का कार्य चल रहा हैं लेकिन गांव में स्क्रब टायफस के बढ़ते मामलों के चलते लोग खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।
ग्राम पंचायत के प्रधान सुरेश कुमार, रामलाल शर्मा, अमर सिंह, राजू, कुंदन सिंह, दलीप सिंह आदि गांव वासियों का कहना है कि गांव के लोग इस बीमारी से दहशत में हैं। स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस बीमारी के कारण और बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
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उधर, इस बारे में बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देओल ने बताया कि गांव में सुपरवाइजर लगातार तैनात है और लोगों को जागरूक कर रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि गांव में विभाग की एक टीम भी भेजी जाएगी जो लोगों को जागरूक कर बचाव के बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा कि स्क्रब टायफस से बचने के लिए जब भी खेतों या घास वाले स्थानों पर जाएं तो हाथ और पांव ढके हुए हों। यह पिस्सू अक्सर हाथ या पांव में काटता है, जिसके कारण बुखार होता है। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। समय पर उपचार से मरीज जल्द ठीक हो जाता है।
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बीते 17 सितंबर को ही गांव के युवक की स्क्रब टायफस से पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। इसके बाद पूरा गांव सदमे से उभर नहीं पा रहा है। अब गांव के तीन लोग स्क्रब टायफस पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से एक व्यक्ति अभी भी पांवटा साहिब के निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। जबकि, दो लोग हाल ही में अस्पताल से ठीक होकर लौटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसानों की आजकल नकदी फसलें टमाटर, अदरक, मिर्च और मक्की आदि का कार्य चल रहा हैं लेकिन गांव में स्क्रब टायफस के बढ़ते मामलों के चलते लोग खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।
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ग्राम पंचायत के प्रधान सुरेश कुमार, रामलाल शर्मा, अमर सिंह, राजू, कुंदन सिंह, दलीप सिंह आदि गांव वासियों का कहना है कि गांव के लोग इस बीमारी से दहशत में हैं। स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस बीमारी के कारण और बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
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उधर, इस बारे में बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देओल ने बताया कि गांव में सुपरवाइजर लगातार तैनात है और लोगों को जागरूक कर रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि गांव में विभाग की एक टीम भी भेजी जाएगी जो लोगों को जागरूक कर बचाव के बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा कि स्क्रब टायफस से बचने के लिए जब भी खेतों या घास वाले स्थानों पर जाएं तो हाथ और पांव ढके हुए हों। यह पिस्सू अक्सर हाथ या पांव में काटता है, जिसके कारण बुखार होता है। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। समय पर उपचार से मरीज जल्द ठीक हो जाता है।
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