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बिना आक्सीजन अब नहीं जाएगी किसी मरीज की जान
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नाहन में मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन प्लांट के निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्या व वरिष्ठ चिकित्सा अ
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन से लंबे समय बाद एक अच्छी खबर आई है। मेडिकल कॉलेज नाहन में अब बिना ऑक्सीजन के किसी मरीज की जान नहीं जाएगी। मेडिकल कॉलेज में अब ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है। प्लांट से अस्पताल के हरेक बिस्तर को जोड़ा गया है। प्लांट पर साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत आई है।
अस्पताल में मौजूदा समय में 284 बिस्तरों की सुविधा हैं। हर वार्ड तक ऑक्सीजन लाइन बिछाने के बाद सभी बिस्तर को इससे जोड़ा गया है। मेडिकल कॉलेज नाहन में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यशवंत के कार्यभार संभालते ही लंबे समय से अधर में लटका ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया। इस प्लांट में 32 सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनमें 16 सिलिंडर की कनेक्टिविटी हर समय अस्पताल के हर बिस्तर तक होगी।
16 सिलिंडरों में 8 प्लस 8 का फार्मूला काम करेगा। इसमें 8 सिलिंडरों की कनेक्टिविटी हर समय बिस्तर को मिलेगी। ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति में दूसरे 8 सिलिंडरों की आटो कनेक्टिविटी बिस्तर को मिलेगी। इसके अलावा अन्य 16 सिलिंडर बैंक (प्लांट) में उपलब्ध होंगे।
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अब तक नहीं थी सुविधा
नाहन अस्पताल में अब तक मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिल पाती थी। लिहाजा, ऑक्सीजन न मिलने से कई मौतें भी हो चुकी हैं, या फिर मरीज को रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं था। रेफर करने के बीच यदि 108 एंबुलेंस में मरीज को ऑक्सीजन मिल जाती तो वह आसानी से दूसरे अस्पताल तक पहुंच सकता था। यदि नहीं तो मरीज को अपनी जान ही गवानी पड़ती थी।
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ऑक्सीजन प्लांट से हर बिस्तर को जोड़ा गया
मेडिकल कॉलेज नाहन में ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया है। अस्पताल में 284 बिस्तरों को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ा गया है। अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ने के बाद दूसरे बिस्तर भी जोड़े जाएंगे। फिलहाल, प्लांट में 32 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनमें 8 प्लस 8 की कनेक्टिविटी से हर समय सभी बिस्तर पर मरीज को यह सुविधा मिलेगी। अस्पताल में अब ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
- डॉ. यशवंत, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज नाहन।
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अस्पताल में मौजूदा समय में 284 बिस्तरों की सुविधा हैं। हर वार्ड तक ऑक्सीजन लाइन बिछाने के बाद सभी बिस्तर को इससे जोड़ा गया है। मेडिकल कॉलेज नाहन में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यशवंत के कार्यभार संभालते ही लंबे समय से अधर में लटका ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया। इस प्लांट में 32 सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनमें 16 सिलिंडर की कनेक्टिविटी हर समय अस्पताल के हर बिस्तर तक होगी।
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16 सिलिंडरों में 8 प्लस 8 का फार्मूला काम करेगा। इसमें 8 सिलिंडरों की कनेक्टिविटी हर समय बिस्तर को मिलेगी। ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति में दूसरे 8 सिलिंडरों की आटो कनेक्टिविटी बिस्तर को मिलेगी। इसके अलावा अन्य 16 सिलिंडर बैंक (प्लांट) में उपलब्ध होंगे।
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अब तक नहीं थी सुविधा
नाहन अस्पताल में अब तक मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिल पाती थी। लिहाजा, ऑक्सीजन न मिलने से कई मौतें भी हो चुकी हैं, या फिर मरीज को रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं था। रेफर करने के बीच यदि 108 एंबुलेंस में मरीज को ऑक्सीजन मिल जाती तो वह आसानी से दूसरे अस्पताल तक पहुंच सकता था। यदि नहीं तो मरीज को अपनी जान ही गवानी पड़ती थी।
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ऑक्सीजन प्लांट से हर बिस्तर को जोड़ा गया
मेडिकल कॉलेज नाहन में ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया है। अस्पताल में 284 बिस्तरों को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ा गया है। अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ने के बाद दूसरे बिस्तर भी जोड़े जाएंगे। फिलहाल, प्लांट में 32 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनमें 8 प्लस 8 की कनेक्टिविटी से हर समय सभी बिस्तर पर मरीज को यह सुविधा मिलेगी। अस्पताल में अब ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
- डॉ. यशवंत, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज नाहन।