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Sirmour News: बड़ाबन में निक्षय शिविर में 87 लोगों के एक्सरे किए
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बड़ाबन में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच करतीं विभाग की टीम। संवाद
टीबी की आशंका पर 11 लोगों को बलगम जांच के लिए किया रेफर
लक्षण, बचाव और समय पर उपचार को लेकर लोगों को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूवाला के अंतर्गत बड़ाबन में निक्षय एवं एक्सरे जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान जलजनित रोगों से बचाव को लेकर भी लोगों को आवश्यक जानकारी दी गई।
कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. छवि बंसल ने बताया कि शिविर में कुल 87 लाभार्थियों के एक्सरे किए गए। जांच के दौरान टीबी की आशंका वाले 11 लोगों को आगे की जांच के लिए बलगम जांच हेतु रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, वजन कम होना, लगातार बुखार, रात को पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण टीबी के संकेत हो सकते हैं।
डॉ. बंसल ने कहा कि शिविर का उद्देश्य लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से टीबी को फैलने से रोका जा सकता है।-- -- -- -- -
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लक्षण, बचाव और समय पर उपचार को लेकर लोगों को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूवाला के अंतर्गत बड़ाबन में निक्षय एवं एक्सरे जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान जलजनित रोगों से बचाव को लेकर भी लोगों को आवश्यक जानकारी दी गई।
कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. छवि बंसल ने बताया कि शिविर में कुल 87 लाभार्थियों के एक्सरे किए गए। जांच के दौरान टीबी की आशंका वाले 11 लोगों को आगे की जांच के लिए बलगम जांच हेतु रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, वजन कम होना, लगातार बुखार, रात को पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण टीबी के संकेत हो सकते हैं।
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डॉ. बंसल ने कहा कि शिविर का उद्देश्य लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से टीबी को फैलने से रोका जा सकता है।
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