फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   Gujjar community bluntly, Giripar

गुज्जर समुदाय की दो टूक, गिरिपार को न दिया जाए जनजातीय दर्जा

Fri, 19 Aug 2022 12:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Aug 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Gujjar community bluntly, Giripar
सैनवाला में जनजातीय दर्जे के विरोध में अपनी मांगों का समर्थन में इकट्ठे हुए गुर्जर समाज कल्याण प? - फोटो : NAHAN
कालाअंब (सिरमौर)। जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिए जाने के विरोध में गुज्जर समुदाय ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि ऐसा होने पर गुज्जर समुदाय पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा। गिरिपार के अनुसूचित जाति संगठनों के बाद जिले का गुज्जर समुदाय भी अपने अधिकारों के संरक्षण को लेकर आगे आया है। गुज्जर समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री से गिरिपार को जनजातीय दर्जा न देने की मांग की है।
विज्ञापन

कालाअंब के साथ लगती ग्राम पंचायत सैनवाला में जिला सिरमौर गुज्जर समाज कल्याण परिषद की एक बैठक हुई। परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया की अगुवाई में गिरिपार को जनजातीय दर्जा मिलने की सूरत में गुज्जर समुदाय को पेश आने वाली मुश्किलों और उनके अधिकारों के हनन को लेकर गहन चर्चा की गई। परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने गुज्जर समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गुज्जर समाज में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग शामिल हैं। सिरमौर में इस तबके की आबादी 10 हजार से अधिक है। आजादी के समय से ही गुज्जर समुदाय को जनजाति (एसटी) का दर्जा मिला हुआ है। गुज्जर समुदाय घुमंतू समुदाय है। इसका मुख्य व्यवसाय पशुपालन है।
विज्ञापन

इसके विपरीत गिरिपार क्षेत्र की आबादी करीब तीन लाख है। इसमें अधिकतर स्वर्ण जाति के लोग हैं जो सुविधा संपन्न हैं। यहां के लोग आईएएस, एचएएस, चूना पत्थर खान व्यवसायी, बड़े बागवान, अच्छे कारोबारी और अन्य राजपत्रित अधिकारी हैं। यदि इस सुविधा संपन्न तबके को जनजाति दर्जा मिलता है तो इसका सीधा प्रभाव गुज्जर समुदाय पर पड़ेगा। वर्तमान में गुज्जर समुदाय को 7.5 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। इसका बंटवारा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में साधन संपन्न लोगों को जनजाति दर्जा देने का कोई तुक नहीं है। उन्होंने कहा कि गिरिपार के लोगों को राजस्थान की तर्ज पर किसी अन्य वर्ग में शामिल किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक के बाद जिला सिरमौर गुज्जर समाज कल्याण परिषद के पदाधिकारी नाहन में उपायुक्त राम कुमार गौतम से भी मिले। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांग पत्र भेजा। इसमें गिरिपार को जनजातीय दर्जा न दिए जाने की मांग की गई। इसमें सिरमौर की लगभग एक दर्जन पंचायतों के लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed