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Sirmour News: महाराजा राजेंद्र प्रकाश सम्मान से नवाजे जाएंगे गोरक्षक सचिन ओबरॉय

Sun, 23 Jun 2024 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 11:58 PM IST
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gorakshak sachin will honoured by maharaja rajebder prakash sammaan
सचिन ओबरॉय। संवाद
सचित्र---
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महाराजा राजेंद्र प्रकाश सम्मान से नवाजे जाएंगे गोरक्षक सचिन ओबरॉय
पांवटा साहिब के सचिन ओबरॉय से नहीं देखा जाता निराश्रित गोवंश का दर्द
घर और जमीन गिरवी रखकर बेसहारा गोवंश के लिए बनाई है बड़ी गोशाला
सिरमौर कला संगम नि:स्वार्थ रूप से की जा रही सेवा के लिए देगा सम्मान
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। सड़कों पर दर-दर की ठोकरें खा रहे निराश्रित गोवंश को आश्रय देकर उनकी दिन-रात सेवा करने वाले पांवटा साहिब के एकता कॉलोनी निवासी सचिन ओबरॉय को महाराजा राजेंद्र प्रकाश सम्मान से नवाजा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश सिरमौर कला संगम ने बायरी आश्रम ददाहू में 28 जून को आयोजित किए जा रहे 65वें राष्ट्रीय स्तरीय महा आलंकरण समारोह में सचिन ओबरॉय की नि:स्वार्थ सेवा को देखते हुए उनको महाराजा राजेंद्र प्रकाश सम्मान प्रदान करने का निर्णय लिया है।
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गौरतलब रहे कि सड़कों पर दर-दर की ठोकरें खा रहे जिस निराश्रित गोवंश को आश्रय देने का कार्य सरकार और प्रशासन को करना चाहिए था। वह काम एकता कॉलोनी पांवटा के 35 वर्षीय सचिन ओबरॉय कर रहे हैं।
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स्कूल के समय से गोवंश संरक्षण की लड़ाई लड़ते आ रहे सचिन ओबरॉय ने अपना घर और जमीन गिरवी रखकर बहराल में पांच बीघा जमीन पर गोशाला भी बनाई है। इसमें अभी 60 निराश्रित गोवंश को आश्रय दिया गया है। गोवंश को संरक्षण देने के कारण वह लाखों रुपये के भारी भरकम कर्ज में डूब चुके हैं। सचिन के घर में उनके माता-पिता, पत्नी और एक छोटा बेटा है। गोशाला निर्माण के लिए जब घर व जमीन गिरवी रखने की बात आई तो उन्होंने भी अपने बेटे का ही साथ दिया। आज सचिन सड़कों पर घूम-घूम कर बीमार गोवंश को इलाज भी दे रहे हैं। खुद ही बीमार पशुओं को इंजेक्शन लगाते हैं। डाॅक्टर से सलाह भी लेते हैं। पशु ज्यादा बीमार हो तो गोशाला में ले जाते हैं। गोशाला में एक कर्मी भी सचिन के साथ गोवंश की सेवा कर रहे हैं। आर्थिक तंगी के चलते उनकी तनख्वाह देने और चारा खरीदने के लिए भारी दिक्कतें सामने आ रही हैं। सिर पर लाखों रुपये का कर्ज हो चुका है, फिर भी सचिन की गोसेवा जारी हैं।

सिरमौर की सड़क पर ठोकरे खा रहे हर पशु को संरक्षण मिले। इसके लिए वह चंद महीने पहले पांवटा में धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। सचिन का कहना है कि सरकार ने 2019 गो सेवा आयोग बनाया है। इसमें भर्ती कर्मचारियों को भारी भरकम वेतन दे रही है। शराब की हर बोतल पर दो रुपये का टैक्स गो सेवा के नाम पर वसूला जा रहा है। सरकारी मंदिरों की कमाई का 15 प्रतिशत पैसा गोसेवा के नाम पर लिया जा रहा है। ऐसे गोवंश सड़कों पर दर-दर की ठोकरें क्यूं खा रहा है। ऐसे में सचिन की नि:स्वार्थ सेवा को देखते हुए अब सिरमौर कला संगम ने उनको महाराजा राजेंद्र प्रकाश सम्मान देने का ऐलान किया है।
-----संवाद
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