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सिरमौर में दो दिन संपूर्ण लॉकडाउन की तैयारी, डीसी के संकेत
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नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में कोरोना संक्रमण के मामलों में हो रही बढ़ोतरी ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए अब लॉकडाउन ही एकमात्र सहारा रह गया है। लिहाजा, सिरमौर जिले में शनिवार और रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन लग सकता है।
हालांकि, पहले उन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जो रोज दिहाड़ी लगाकर भोजन करते हैं। ऐसे लोगों का खाका तैयार किया जा रहा है, जबकि पैक्ड फूड देने की व्यवस्था प्रशासन ने लगभग कर ली है। गौरतलब है कि शनिवार और रविवार को बाजार बंद रखने के आदेश हैं, लेकिन आवाजाही जारी रहती है। एक बजे तक जरूरी वस्तुओं की दुकानें भी खुली रहती हैं।
नाहन में पत्रकार वार्ता के दौरान उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने यह जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से भी कोरोना पर नियंत्रण करने के लिए सुझाव मांगे। जिसमें रात्रि कर्फ्यू की समय सीमा बढ़ाने, बाजार खोलने और बाजार बंद करने की समय सीमा निर्धारित करने जैसे मसलों पर मंथन हुआ। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी शख्स को भूखा रखकर लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। पहले इसकी व्यवस्था की जाएगी।
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इसका खाका तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिरमौर में कोरोना के टेस्ट अधिक से अधिक करवाने पर जोर दिया जा रहा है। करीब पांच लाख की आबादी वाले सिरमौर में 1, 13, 570 लोगों के सैंपलों की जांच की गई है। पॉजिटिव आने की दर 5.94 प्रतिशत है। रिकवरी रेट 75 फीसदी है, जो पिछले वर्ष की तुलना बेहद कम है। कोरोना से बचने के लिए सामूहिक तौर पर कदम उठाने पडेंगे। मंगलवार तक सिरमौर में 745 शादियों के लिए अनुमति ली गई है। शादियों में नियम न टूटें इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उनके अनुसार सिरमौर में कोरोना का यूके स्ट्रोन भी मिल रहा है। दूसरी लहर भी घातक मानी जा रही है। इससे पॉजिटिव आने वालों की संख्या बढ़ रही है। उनके अनुसार जिन पंचायतों में एक भी मामला नहीं आया है, वहां छह मोबाइल वाहन तैनात किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से जागरूकता के लिए कदम उठाए जाएंगे। नाहन, पांवटा साहिब और पच्छाद उपमंडलों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज नाहन के प्रधानाचार्य डॉ. एमके महेंद्रू, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्याम कौशिक भी मौजूद रहे। हालांकि मेडिकल कॉलेज में बिगड़ी व्यवस्था को लेकर वे मीडिया के सवालों को जवाब नहीं दे पाए। इतना जरूर कहा कि यहां ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जितनी हो सकता है उतनी व्यवस्था की जा रही है।
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हालांकि, पहले उन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जो रोज दिहाड़ी लगाकर भोजन करते हैं। ऐसे लोगों का खाका तैयार किया जा रहा है, जबकि पैक्ड फूड देने की व्यवस्था प्रशासन ने लगभग कर ली है। गौरतलब है कि शनिवार और रविवार को बाजार बंद रखने के आदेश हैं, लेकिन आवाजाही जारी रहती है। एक बजे तक जरूरी वस्तुओं की दुकानें भी खुली रहती हैं।
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नाहन में पत्रकार वार्ता के दौरान उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने यह जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से भी कोरोना पर नियंत्रण करने के लिए सुझाव मांगे। जिसमें रात्रि कर्फ्यू की समय सीमा बढ़ाने, बाजार खोलने और बाजार बंद करने की समय सीमा निर्धारित करने जैसे मसलों पर मंथन हुआ। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी शख्स को भूखा रखकर लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। पहले इसकी व्यवस्था की जाएगी।
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इसका खाका तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिरमौर में कोरोना के टेस्ट अधिक से अधिक करवाने पर जोर दिया जा रहा है। करीब पांच लाख की आबादी वाले सिरमौर में 1, 13, 570 लोगों के सैंपलों की जांच की गई है। पॉजिटिव आने की दर 5.94 प्रतिशत है। रिकवरी रेट 75 फीसदी है, जो पिछले वर्ष की तुलना बेहद कम है। कोरोना से बचने के लिए सामूहिक तौर पर कदम उठाने पडेंगे। मंगलवार तक सिरमौर में 745 शादियों के लिए अनुमति ली गई है। शादियों में नियम न टूटें इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उनके अनुसार सिरमौर में कोरोना का यूके स्ट्रोन भी मिल रहा है। दूसरी लहर भी घातक मानी जा रही है। इससे पॉजिटिव आने वालों की संख्या बढ़ रही है। उनके अनुसार जिन पंचायतों में एक भी मामला नहीं आया है, वहां छह मोबाइल वाहन तैनात किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से जागरूकता के लिए कदम उठाए जाएंगे। नाहन, पांवटा साहिब और पच्छाद उपमंडलों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज नाहन के प्रधानाचार्य डॉ. एमके महेंद्रू, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्याम कौशिक भी मौजूद रहे। हालांकि मेडिकल कॉलेज में बिगड़ी व्यवस्था को लेकर वे मीडिया के सवालों को जवाब नहीं दे पाए। इतना जरूर कहा कि यहां ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जितनी हो सकता है उतनी व्यवस्था की जा रही है।