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Sirmour News: प्रेमनगर पाठशाला में फ्रूट ब्रेक में बच्चों को खाने को दिए जाएंगे फल
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प्रेमनगर प्राथमिक स्कूल में फ्रूट ब्रेक के दौरान फल खाते बच्चे। संवाद
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सचित्र--
प्रेमनगर पाठशाला में फ्रूट ब्रेक में बच्चों को खाने को दिए जाएंगे फल
कुरकुरे, चिंगम, फास्ट फूड से बच्चों को दूर रखने को उठाया कदम
अभिभावकों ने स्कूल की पहल का किया स्वागत, जताई सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर में विद्यार्थियों के लिए फ्रूट ब्रेक शुरू किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को फल खाने के लिए दिए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन से अभिभावकों से हर रोज बच्चों को अलग-अलग तरह के फल देने का आह्वान किया है। इससे अभिभावकों ने भी सहमति जताई है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने शिक्षा सप्ताह मनाने के स्कूलों को निर्देश दिए हैं। इसमें बच्चों से पूरा सप्ताह अलग-अलग तरह की गतिविधियां आयोजित करवाई जा रही हैं। जेबीटी अध्यापिका सृष्टि के सहयोग से यहां बेहतरीन शिक्षण अधिगम सामग्री भी निर्मित की गई है।
स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने शिक्षिका के सहयोग से बच्चों की ओर से तैयार की सामग्री का अवलोकन भी किया। इस दौरान स्कूल में दोपहर के भोजन के साथ बच्चों को फल देने का भी प्रस्ताव पारित हुआ।
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स्कूल प्रभारी मायाराम शर्मा ने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को स्कूल के लिए रोजाना खीरा, केला, सेब, संतरा, अनार, अमरूद या किसी भी तरह का कोई एक फल जरूर दें। उन्होंने कहा कि फल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को सभी बच्चों को अभिभावकों की ओर से फल प्रदान किए गए जिसे बच्चों ने दोपहर के फ्रूट ब्रेक में ग्रहण किया। मायाराम शर्मा ने कहा कि इस नई पहल के काफी फायदे हैं। इससे बच्चों में जहां फल खाने की आदत निर्मित होगी। वहीं बच्चे फास्ट फूट समेत कुरकुरे, टॉफी, च्यूंगम, पिज्जा, बर्गर, मोमो खाने जैसी बुरी आदतों से दूर रहेंगे।
-- -- संवाद
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प्रेमनगर पाठशाला में फ्रूट ब्रेक में बच्चों को खाने को दिए जाएंगे फल
कुरकुरे, चिंगम, फास्ट फूड से बच्चों को दूर रखने को उठाया कदम
अभिभावकों ने स्कूल की पहल का किया स्वागत, जताई सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर में विद्यार्थियों के लिए फ्रूट ब्रेक शुरू किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को फल खाने के लिए दिए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन से अभिभावकों से हर रोज बच्चों को अलग-अलग तरह के फल देने का आह्वान किया है। इससे अभिभावकों ने भी सहमति जताई है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने शिक्षा सप्ताह मनाने के स्कूलों को निर्देश दिए हैं। इसमें बच्चों से पूरा सप्ताह अलग-अलग तरह की गतिविधियां आयोजित करवाई जा रही हैं। जेबीटी अध्यापिका सृष्टि के सहयोग से यहां बेहतरीन शिक्षण अधिगम सामग्री भी निर्मित की गई है।
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स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने शिक्षिका के सहयोग से बच्चों की ओर से तैयार की सामग्री का अवलोकन भी किया। इस दौरान स्कूल में दोपहर के भोजन के साथ बच्चों को फल देने का भी प्रस्ताव पारित हुआ।
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स्कूल प्रभारी मायाराम शर्मा ने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को स्कूल के लिए रोजाना खीरा, केला, सेब, संतरा, अनार, अमरूद या किसी भी तरह का कोई एक फल जरूर दें। उन्होंने कहा कि फल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को सभी बच्चों को अभिभावकों की ओर से फल प्रदान किए गए जिसे बच्चों ने दोपहर के फ्रूट ब्रेक में ग्रहण किया। मायाराम शर्मा ने कहा कि इस नई पहल के काफी फायदे हैं। इससे बच्चों में जहां फल खाने की आदत निर्मित होगी। वहीं बच्चे फास्ट फूट समेत कुरकुरे, टॉफी, च्यूंगम, पिज्जा, बर्गर, मोमो खाने जैसी बुरी आदतों से दूर रहेंगे।