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नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को चार माह की कठोर जेल
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नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार चौधरी की अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के दोषी कृष्ण स्वरूप गांव क्यारी, डाकखाना चाकली (सिरमौर) को चार माह के कठोर कारावास और 1500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी तरह आईपीसी की धारा 506 के तहत दोषी को दो माह का साधारण कारावास व 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। ऐसी अवधि जो आरोपी ने यदि कारावास में काटी है वह इस सजा से काट दी जाएगी।
मामले की पैरवी जिला न्यायवादी भीमानंद शांडिल ने की। जिला न्यायवादी बताया कि 14 नवंबर 2015 को दोपहर 12 बजे नाबालिग पीड़िता पशुओं को खेतों में चारा खिला रही थी। इसी दौरान शराब के नशे में दोषी कृष्ण स्वरूप उसके पास आया और बाजू से पकड़कर उसे नाले की तरफ चलने के लिए कहने लगा। दोषी की ऐसी हरकत पर पीड़िता ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। आरोपी ने फिर से पीड़िता की बाजू पकड़ ली और खाले की ओर खींचने लगा। इस पर पीड़िता ने चिल्लाना शुरू किया। पीड़िता के चिल्लाने पर वह उसे छोड़कर वहां से भाग गया। साथ ही धमकी दी कि वह उसकी इज्जत भंग कर देगा और परिजनों को नुकसान पहुंचाएगा। इसके बाद पीड़िता के पिता ने दोषी के खिलाफ सदर थाना नाहन में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस थाना सदर में एफआईआर दर्ज करने के बाद आईओ जयराम ने मामले में तफ्तीश शुरू की। साथ ही मेडिकल कॉलेज नाहन में पीड़िता का मेडिकल करवाया। 25 मार्च 2017 को आरोपी ने खुद को सीजेएम नाहन के समक्ष सरेंडर किया। जहां से अदालत ने उसे पुलिस के हवाले किया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा तैयार कर चालान अदालत में पेश किया। मामले से संबंधित गवाहों के बयानों के आधार पर शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को यह सजा सुनाई है।
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मामले की पैरवी जिला न्यायवादी भीमानंद शांडिल ने की। जिला न्यायवादी बताया कि 14 नवंबर 2015 को दोपहर 12 बजे नाबालिग पीड़िता पशुओं को खेतों में चारा खिला रही थी। इसी दौरान शराब के नशे में दोषी कृष्ण स्वरूप उसके पास आया और बाजू से पकड़कर उसे नाले की तरफ चलने के लिए कहने लगा। दोषी की ऐसी हरकत पर पीड़िता ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। आरोपी ने फिर से पीड़िता की बाजू पकड़ ली और खाले की ओर खींचने लगा। इस पर पीड़िता ने चिल्लाना शुरू किया। पीड़िता के चिल्लाने पर वह उसे छोड़कर वहां से भाग गया। साथ ही धमकी दी कि वह उसकी इज्जत भंग कर देगा और परिजनों को नुकसान पहुंचाएगा। इसके बाद पीड़िता के पिता ने दोषी के खिलाफ सदर थाना नाहन में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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पुलिस थाना सदर में एफआईआर दर्ज करने के बाद आईओ जयराम ने मामले में तफ्तीश शुरू की। साथ ही मेडिकल कॉलेज नाहन में पीड़िता का मेडिकल करवाया। 25 मार्च 2017 को आरोपी ने खुद को सीजेएम नाहन के समक्ष सरेंडर किया। जहां से अदालत ने उसे पुलिस के हवाले किया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा तैयार कर चालान अदालत में पेश किया। मामले से संबंधित गवाहों के बयानों के आधार पर शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को यह सजा सुनाई है।
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