{"_id":"585132684f1c1ba06f64b22d","slug":"five-crore-may-be-laps","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच करोड़ की राशि लैप्स होने का खतरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच करोड़ की राशि लैप्स होने का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला/नाहन
Updated Wed, 14 Dec 2016 10:27 PM IST
विज्ञापन
500 के नए नोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला मुख्यालय नाहन में सांस्कृतिक सदन खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दो साल से लटके इस मामले को परवान चढ़ाने के लिए सभी कलाकार लामबंद हो गए हैं। उपायुक्त और मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को लगातार उठाया जा रहा है। कलाकारों में सदन के लिए उपलब्ध 5 करोड़ की राशि लैप्स होने का भी भय सताने लगा है।
विज्ञापन
युवा कवि अजय चौहान ने कहा कि प्रदेश के करीब सभी जिलों में सांस्कृतिक सदन खुल चुके हैं। लेकिन, सिरमौर अभी भी अछूता है। ऐसे में यहां इस सदन के निर्माण के प्रयास तेज किए जाने चाहिए, जिससे कलाकारों को एक छत के नीचे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके। युवा कवि करुण नागर ने कहा कि खुशी की बात है कि सरकार इस मामले में दिलचस्पी दिखा रही है।
विज्ञापन
यदि नाहन फाउंडरी के एक कोने में सदन निर्माण किया जाए तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। प्रशासन और विभाग को इसके बारे में जल्द फैसला लेना चाहिए। वरिष्ठ कवि श्रीकांत अकेला ने कहा कि सरकार ने कलाकारों के हित में सांस्कृतिक सदन खोलने में रुचि दिखाई है। करोड़ों का बजट भी उपलब्ध करवाया। ऐसे में सरकार के प्रयासों को जल्द परवान चढ़ाना चाहिए। गत वर्ष भी करोड़ों का बजट लैप्स हो गया था। अब ऐसा न हो, इसलिए विभाग को जिला प्रशासन से तारतम्य बना कर जल्द सांस्कृतिक सदन का कार्य पूरा करना चाहिए। राजनेताओं को भी इस कार्य में सहयोग करना चाहिए।
विज्ञापन
युवा कवि आमिर ने कहा कि सरकार ने कलाकारों का दर्द समझ कर करोड़ों का बजट उपलब्ध करवाया है। सांस्कृतिक सदन खुलने से जिले के हर प्रकार के कलाकारों को एक निश्चित स्थान पर बेहतर मंच प्राप्त होगा। ऐसे में सांस्कृतिक सदन इसी वित्तीय वर्ष खोलने के प्रयास प्राथमिकता पर तेज किए जाने चाहिए।