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सिरमौर में बनेगी राज्य की पहली काऊ सैंचूरी
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Sat, 28 May 2016 11:08 PM IST
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नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में प्रदेश की पहली काऊ (गाय) सैंचूरी बनेगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। काऊ सैंचूरी बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में जमीन उपलब्ध है। सभी प्रयास सफल रहे तो जल्द ही जिला सिरमौर प्रदेश में पहली काऊ सैंचूरी के लिए जाना जाएगा।
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कालीस्थान मंदिर समिति ने गोसदन के निर्माण के लिए सैनधार क्षेत्र के रजौली में 60 बीघा जमीन दान की है। वहीं जिला प्रशासन का प्रयास भी है कि जल्द ही इस जमीन पर सैंचूरी का कार्य शुरू हो। काऊ सेंचुरी बनाने के लिए प्रपोजल भी मिल चुकी है। दरअसल, बेसहारा पशुओं की रोकथाम के मकसद से गठित समन्वय समिति ने सैद्धांतिक तौर पर इस भूमि में काऊ सेंचुरी स्थापित करने का फैसला लिया है। यदि गाय सैंचूरी को स्थापित करने के प्रयास कामयाब होते हैं तो यहां करीब 300 से ज्यादा पशुओं को प्राकृतिक वातावरण में रहने का अवसर दिया जाएगा।
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सैंचूरी बनाने के मापदंडों के अनुसार बेकार पड़ी जमीन का इसके लिए इस्तेमाल हो सकता है। बशर्ते कि इसे चरागाह के तौर पर विकसित किया जा सके। इसका संचालन गैर सरकारी संगठनों को देने का प्रावधान भी है।
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उधर, डीसी सिरमौर बीसी बडालिया ने बताया कि रजौली गांव में कालीस्थान मंदिर समिति नाहन द्वारा दान की गई 60 बीघा भूमि पर एक भव्य गौसदन का निर्माण किया जाएगा। इसमें लावारिस पशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होगी। भूमि का हस्तांतरण माता बालासुंदरी मंदिर न्यास त्रिलोकपुर के नाम किया जाएगा। इसके बाद न्यास के द्वारा इस भूमि पर आधुनिक तकनीक से गोसदन निर्मित किया जाएगा।
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पाइपलाइन में योजना
पशुपालन विभाग की सहायक निदेशक डॉ. नीरू शबनम ने बताया कि 60 बीघा भूमि पर गाय सैंचूरी स्थापित करने का प्रयास है। इसकी प्रपोजल मिल चुकी है। इसमें लगभग 300 गऊओं को खुले में छोड़ा जा सकता है। इस बारे योजना बनाई जा रही है। जल्द ही जिला प्रशासन की टीम भी स्थल का दौरा करेगी। योजना पूरी तरह से पाइपलाइन में है। सिरमौर जिला में कुल 2 लाख 83 हजार 184 पशु हैं। इनमें से अब तक 2 लाख 77 हजार पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है।
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