{"_id":"69e613c67731bf47c60725f2","slug":"fire-sesion-in-ponta-and-new-hidrant-nahan-news-c-177-1-ssml1030-176803-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: फायर सीजन शुरू<bha>;<\/bha> नहीं लगे नए हाइड्रेंट, पुराने हैं खस्ताहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: फायर सीजन शुरू<bha>;</bha> नहीं लगे नए हाइड्रेंट, पुराने हैं खस्ताहाल
विज्ञापन
-अलग से लाइन नहीं होने और प्रेशर कम रहने से कई बार आती रही हैं दिक्कतें
-शहर में दशकों पहले लगे 6 में से 3 फायर हाइड्रेंड भी कामचलाऊ : सतीश गोयल
-दशक पहले प्रस्तावित 172 फायर हाइड्रेंट में से शहर में लगने थे 32 हाइड्रेंट
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू हो गया है। औद्योगिक व पांवटा शहरी क्षेत्रों में हर वर्ष दर्जनों आग की घटनाओं में भारी क्षति पहुंचती है। आग को बुझाने के इंतजाम नाकाफी रहते हैं, क्योंकि आग बुझाने को दमकल विभाग की टीम को उचित प्रेशर वाले फायर हाइड्रेंट की सुविधा नहीं मिल पाती है। दशकों पहले शहरी क्षेत्र में लगे 6 फायर हाइड्रेंट में से तीन फायर हाइड्रेंड ही कामचलाऊ ठीक हैं। 11 वर्ष पहले बनी शहरी व औद्योगिक क्षेत्रों के लिए फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना कागजों में ही सिमट चुकी गई है।
स्थानीय व्यवसायी मदन मोहन शर्मा, दीपचंद पुंडीर, दिनेश शर्मा, सुनील चौधरी, भरत ठाकुर, ज्ञान प्रकाश, अब्दुल गफार, सर्वजीत सिंह व रोहित कुमार ने बताया कि पांवटा साहिब में औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी, राजबन, बद्रीपुर, हीरपुर, सूरजपुर, पुरुवाला, किशनपुरा, केदारपुर, कुंजा मतरालियों, धौलाकुआं तथा गिरिपार क्षेत्रों में सतौन व गिरिपार के ही खोड़ोंवाला तक सैकड़ों छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। गर्मियों के सीजन में हर आग की घटनाओं में बढ़ोतरी हो जाती है। पिछले ही कुछ वर्षों में बद्रीपुर, मुख्य बाजार व भाटिया पैलेस गली के आसपास कई आग के मामलों में करोड़ों की क्षति हो चुकी है। बता दें कि करीब 11 वर्ष पहले दमकल विभाग के तत्कालीन फायर आफिसर शिवानंद शर्मा की टीम ने एक खास योजना पर कार्य किया था। इसमें करीब 172 फायर हाइड्रेंट के लिए स्थलों को चिह्नित किया गया। इसमें से शहरी क्षेत्र में 32 फायर हाइड्रेंट लगाए जाने प्रस्तावित रहे हैं। इसका प्राक्कलन तैयार कर फाइल मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार व जलशक्ति विभाग को भेजी गई है, लेकिन क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने की महत्वपूर्ण योजना फाइल दफन होकर ही रह गई है।
बाक्स...
हाइड्रेंट अलग लाइन से जोड़े जाए
- हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, महासचिव नवीन गर्ग, हिमोत्कर्ष संस्था सिरमौर अध्यक्ष आरपी तिवारी व सुरजीत सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट नहीं लग सके। शहर में दशकों पुराने हाइड्रेंट भी खस्ताहाल है। हाइड्रेंट अलग से उचित प्रेशर वाली लाइन से जोड़े जाएं।
विज्ञापन
बाक्स...
पुराने फायर हाइड्रेंटों में प्रेशर काफी कम : विनोद कुमार
- फायर आफिसर पांवटा साहिब विनोद कुमार ने कहा कि औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों को प्रस्तावित हाइड्रेंट योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। शहर में लगे दशकों पुराने आधा दर्जन फायर हाइड्रेंटों की स्थिति खास ठीक नहीं है। इनमें गुरुद्वारा के समीप, मुख्य बाजार व जलशक्ति विभाग कार्यालय के समीप फायर हाइड्रेंट में ही थोड़ा प्रेशर है। शहरी क्षेत्र के हाइड्रेंट को सीधे प्रेशर वाली अलग लाइन से जोड़ा जाना जरूरी है।
संवाद
विज्ञापन
-शहर में दशकों पहले लगे 6 में से 3 फायर हाइड्रेंड भी कामचलाऊ : सतीश गोयल
-दशक पहले प्रस्तावित 172 फायर हाइड्रेंट में से शहर में लगने थे 32 हाइड्रेंट
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू हो गया है। औद्योगिक व पांवटा शहरी क्षेत्रों में हर वर्ष दर्जनों आग की घटनाओं में भारी क्षति पहुंचती है। आग को बुझाने के इंतजाम नाकाफी रहते हैं, क्योंकि आग बुझाने को दमकल विभाग की टीम को उचित प्रेशर वाले फायर हाइड्रेंट की सुविधा नहीं मिल पाती है। दशकों पहले शहरी क्षेत्र में लगे 6 फायर हाइड्रेंट में से तीन फायर हाइड्रेंड ही कामचलाऊ ठीक हैं। 11 वर्ष पहले बनी शहरी व औद्योगिक क्षेत्रों के लिए फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना कागजों में ही सिमट चुकी गई है।
स्थानीय व्यवसायी मदन मोहन शर्मा, दीपचंद पुंडीर, दिनेश शर्मा, सुनील चौधरी, भरत ठाकुर, ज्ञान प्रकाश, अब्दुल गफार, सर्वजीत सिंह व रोहित कुमार ने बताया कि पांवटा साहिब में औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी, राजबन, बद्रीपुर, हीरपुर, सूरजपुर, पुरुवाला, किशनपुरा, केदारपुर, कुंजा मतरालियों, धौलाकुआं तथा गिरिपार क्षेत्रों में सतौन व गिरिपार के ही खोड़ोंवाला तक सैकड़ों छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। गर्मियों के सीजन में हर आग की घटनाओं में बढ़ोतरी हो जाती है। पिछले ही कुछ वर्षों में बद्रीपुर, मुख्य बाजार व भाटिया पैलेस गली के आसपास कई आग के मामलों में करोड़ों की क्षति हो चुकी है। बता दें कि करीब 11 वर्ष पहले दमकल विभाग के तत्कालीन फायर आफिसर शिवानंद शर्मा की टीम ने एक खास योजना पर कार्य किया था। इसमें करीब 172 फायर हाइड्रेंट के लिए स्थलों को चिह्नित किया गया। इसमें से शहरी क्षेत्र में 32 फायर हाइड्रेंट लगाए जाने प्रस्तावित रहे हैं। इसका प्राक्कलन तैयार कर फाइल मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार व जलशक्ति विभाग को भेजी गई है, लेकिन क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने की महत्वपूर्ण योजना फाइल दफन होकर ही रह गई है।
विज्ञापन
बाक्स...
हाइड्रेंट अलग लाइन से जोड़े जाए
- हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, महासचिव नवीन गर्ग, हिमोत्कर्ष संस्था सिरमौर अध्यक्ष आरपी तिवारी व सुरजीत सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट नहीं लग सके। शहर में दशकों पुराने हाइड्रेंट भी खस्ताहाल है। हाइड्रेंट अलग से उचित प्रेशर वाली लाइन से जोड़े जाएं।
विज्ञापन
बाक्स...
पुराने फायर हाइड्रेंटों में प्रेशर काफी कम : विनोद कुमार
- फायर आफिसर पांवटा साहिब विनोद कुमार ने कहा कि औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों को प्रस्तावित हाइड्रेंट योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। शहर में लगे दशकों पुराने आधा दर्जन फायर हाइड्रेंटों की स्थिति खास ठीक नहीं है। इनमें गुरुद्वारा के समीप, मुख्य बाजार व जलशक्ति विभाग कार्यालय के समीप फायर हाइड्रेंट में ही थोड़ा प्रेशर है। शहरी क्षेत्र के हाइड्रेंट को सीधे प्रेशर वाली अलग लाइन से जोड़ा जाना जरूरी है।
संवाद