फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   dont close ronhaat college

रोनहाट में डिग्री कॉलेज बंद करने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण : सुरेंद्र हिंदुस्तानी

Sat, 06 Jun 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
dont close ronhaat college
नाहन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते भाजपा नेता सुरेंद्र हिंदुस्तानी। संवाद
-जिले के दुर्गम क्षेत्र के लोगों के साथ सरकार कर रही सौतेला व्यवहार
विज्ञापन

-कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नाहन भेजने के निर्णय पर उठाए सवाल

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के दुर्गम क्षेत्र रोनहाट में डिग्री कॉलेज बंद किए जाने के सरकारी निर्णय का विरोध तेज होने लगा है। शनिवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में समाजसेवी एवं भाजपा नेता सुरेंद्र हिंदुस्तानी ने सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और लोगों की मांग को देखते हुए वर्ष 2017 में रोनहाट में डिग्री कॉलेज की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए नाहन और पांवटा साहिब जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान नहीं था। ऐसे में स्थानीय युवाओं को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉलेज खोला गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने विद्यार्थियों की संख्या कम होने का हवाला देकर कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

यहां अध्ययनरत छात्रों का नाहन कॉलेज में विलय किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से प्रयास किए जाने चाहिए थे। यदि छात्रों को अन्य संस्थानों में समायोजित करना ही था तो उन्हें शिलाई अथवा आसपास के कॉलेजों में भेजा जा सकता था, लेकिन उन्हें नाहन भेजना ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि नाहन कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को मात्र पांच हजार रुपये का वित्तीय सहायता देने की बात कही जा रही है, जो वास्तविक खर्चों की तुलना में बेहद कम है। शहर में किराये का कमरा, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि निकटवर्ती कॉलेजों में छात्रों को समायोजित न किया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रोनहाट डिग्री कॉलेज को बंद करने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed