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Sirmour News: पांवटा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध जताया विरोध
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सरकार पांच सूत्री मांग पत्र पर गंभीरता से विचार करें : डॉ एवी राघव
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कर विरोध जताया। प्रदेश सरकार से पांच सूत्रीय मांग पत्र पर गंभीरता से विचार करने की मांग उठाई गई है।
काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन करने वालों में सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमाल पाशा, डॉ. राजीव चौहान, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अंकुश, डॉ. मीनाक्षी चौहान, डॉ. विभूति समेत अन्य चिकित्सक शामिल रहे।
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन राज्य इकाई उपाध्यक्ष डॉ. एवी राघव ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने वायदों को पूरा करना चाहिए। वीरवार को गेट मीटिंग में सिविल अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने विस्तार से मांगो पर चर्चा की। इसके बाद विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगा कर रोष प्रदर्शन किया गया।
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प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एवी राघव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तीन जून को हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ की संयुक्त संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था। कि भविष्य में चिकित्सकों की नियुक्ति के समय एनपीए को फिर से संलग्न कर दिया जाएगा। लेकिन, धरातल पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति में इसे नही जोड़ा गया है। इससे चिकित्सकों में रोष है। प्रदेश में अनुबंध पर नियुक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों को 33,600 रुपये वेतन के रूप में देय है, जो पूरे देश में सबसे कम है। स्वास्थ्य विभाग में करीब डेढ़ वर्षों से खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सा अधिकारी व उप निदेशक के पदों पर भी नियुक्ति नही हुई है। इसलिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह है कि पहले चिकित्सकों को हक और अधिकारों को फिर से बहाल करें। उन्होंने सेवा विस्तार पर तुरंत रोक लगाने की गुहार भी लगाई है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कर विरोध जताया। प्रदेश सरकार से पांच सूत्रीय मांग पत्र पर गंभीरता से विचार करने की मांग उठाई गई है।
काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन करने वालों में सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमाल पाशा, डॉ. राजीव चौहान, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अंकुश, डॉ. मीनाक्षी चौहान, डॉ. विभूति समेत अन्य चिकित्सक शामिल रहे।
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हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन राज्य इकाई उपाध्यक्ष डॉ. एवी राघव ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने वायदों को पूरा करना चाहिए। वीरवार को गेट मीटिंग में सिविल अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने विस्तार से मांगो पर चर्चा की। इसके बाद विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगा कर रोष प्रदर्शन किया गया।
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प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एवी राघव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तीन जून को हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ की संयुक्त संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था। कि भविष्य में चिकित्सकों की नियुक्ति के समय एनपीए को फिर से संलग्न कर दिया जाएगा। लेकिन, धरातल पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति में इसे नही जोड़ा गया है। इससे चिकित्सकों में रोष है। प्रदेश में अनुबंध पर नियुक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों को 33,600 रुपये वेतन के रूप में देय है, जो पूरे देश में सबसे कम है। स्वास्थ्य विभाग में करीब डेढ़ वर्षों से खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सा अधिकारी व उप निदेशक के पदों पर भी नियुक्ति नही हुई है। इसलिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह है कि पहले चिकित्सकों को हक और अधिकारों को फिर से बहाल करें। उन्होंने सेवा विस्तार पर तुरंत रोक लगाने की गुहार भी लगाई है। संवाद