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Sirmour News: धान की बालियों पर काली पड़ रही ढोडी, किसानों की चिंता बढ़ी
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-पांवटा-धौलाकुआं क्षेत्र में पिछेती फसल पर रोग का प्रकोप, तेज धूप और रात की ठंड के बीच बालियां प्रभावित होने का दावा
-अगेती फसल में बोना रोग और बाद में पत्ता लपेट से जूझ चुके किसान अब पिछेती फसल को लेकर चिंतित
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा साहिब और धौलाकुआं क्षेत्र में धान की फसल पकने से पहले ही किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि इन दिनों पिछेती धान की फसल में बालियां काली पड़कर ढोडी का रूप ले रही हैं। दिन में तेज धूप और रात के समय बढ़ रही ठंड के बीच धान की बालियों पर इसका असर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। किसानों के अनुसार जुलाई में रोपी गई फसल में अब बालियां निकलने का समय है और इसी दौरान समस्या तेजी से बढ़ रही है।
क्षेत्र के किसान श्याम लाल, मलकीत चौधरी, रिजवान और तरसेम लाल ने बताया कि इस वर्ष धान की फसल मौसम की अलग-अलग परिस्थितियों से प्रभावित हुई है। जिन किसानों ने मानसून से पहले निजी सिंचाई व्यवस्था के माध्यम से 15 जून से 28 जून के बीच धान की रोपाई की थी, उनकी फसल में खेतों में लंबे समय तक पानी खड़ा रहने और गर्मी के कारण बोना रोग की शिकायत सामने आई थी। किसानों के अनुसार इससे करीब 30 प्रतिशत तक फसल प्रभावित हुई। इसके बाद लगातार बारिश के दौरान पत्ता लपेट रोग की समस्या भी सामने आई, जिस पर किसानों ने महंगी दवाओं का छिड़काव किया।
अब जुलाई में रोपी गई पिछेती फसल में बालियां निकल रही हैं। किसानों का कहना है कि हाल ही में 24 सितंबर से दो दिन तक हुई बारिश के बाद ऊपरी क्षेत्रों में ठंड बढ़ी और इसका असर मैदानी क्षेत्रों में भी महसूस हुआ। अब दिन में तेज धूप और रात में ठंड के बीच फसल में ढोडी की शिकायत सामने आने से किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि पहले अगेती फसल गर्मी से प्रभावित हुई और अब वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार जुलाई में रोपी गई पिछेती फसल भी समस्या की चपेट में आती दिखाई दे रही है।
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उधर, इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि जिन खेतों में लगातार पानी भरा रहता है, वहां धान में ढोडी की शिकायत आने की बात सामने आती है। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं आई है।
संवाद-- -- -- -- -- -- --
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-अगेती फसल में बोना रोग और बाद में पत्ता लपेट से जूझ चुके किसान अब पिछेती फसल को लेकर चिंतित
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा साहिब और धौलाकुआं क्षेत्र में धान की फसल पकने से पहले ही किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि इन दिनों पिछेती धान की फसल में बालियां काली पड़कर ढोडी का रूप ले रही हैं। दिन में तेज धूप और रात के समय बढ़ रही ठंड के बीच धान की बालियों पर इसका असर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। किसानों के अनुसार जुलाई में रोपी गई फसल में अब बालियां निकलने का समय है और इसी दौरान समस्या तेजी से बढ़ रही है।
क्षेत्र के किसान श्याम लाल, मलकीत चौधरी, रिजवान और तरसेम लाल ने बताया कि इस वर्ष धान की फसल मौसम की अलग-अलग परिस्थितियों से प्रभावित हुई है। जिन किसानों ने मानसून से पहले निजी सिंचाई व्यवस्था के माध्यम से 15 जून से 28 जून के बीच धान की रोपाई की थी, उनकी फसल में खेतों में लंबे समय तक पानी खड़ा रहने और गर्मी के कारण बोना रोग की शिकायत सामने आई थी। किसानों के अनुसार इससे करीब 30 प्रतिशत तक फसल प्रभावित हुई। इसके बाद लगातार बारिश के दौरान पत्ता लपेट रोग की समस्या भी सामने आई, जिस पर किसानों ने महंगी दवाओं का छिड़काव किया।
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अब जुलाई में रोपी गई पिछेती फसल में बालियां निकल रही हैं। किसानों का कहना है कि हाल ही में 24 सितंबर से दो दिन तक हुई बारिश के बाद ऊपरी क्षेत्रों में ठंड बढ़ी और इसका असर मैदानी क्षेत्रों में भी महसूस हुआ। अब दिन में तेज धूप और रात में ठंड के बीच फसल में ढोडी की शिकायत सामने आने से किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि पहले अगेती फसल गर्मी से प्रभावित हुई और अब वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार जुलाई में रोपी गई पिछेती फसल भी समस्या की चपेट में आती दिखाई दे रही है।
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उधर, इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि जिन खेतों में लगातार पानी भरा रहता है, वहां धान में ढोडी की शिकायत आने की बात सामने आती है। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं आई है।
संवाद