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पांवटा शहरी गंदे नाले की समस्या का शीघ्र होगा समाधान
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पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा साहिब नगर परिषद के वाल्मीकि बस्ती में कई दशकों से चली आ रही गंदे नाले की समस्या के समाधान को लेकर अहम बैठक आयोजित हुई। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एसडीएम ने स्थानीय भूमि मालिक और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गहन विचार मंथन और चर्चा की।
पांवटा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 और 7 की वाल्मीकि बस्ती के बीचों-बीच बह रहे गंदे खुले नाले से लोगों को काफी समय से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस मुद्दे को लोगों ने दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पांवटा प्रवास पर भी उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को शहरी खुले गंदे नाले को बंद करने के निर्देश दिये थे लेकिन जिस जगह पर गंदा नाला है वह जगह स्थानीय लोगों की निजी भूमि एवं कुछ जमीन वन विभाग की भी आती है। इसके मुआवजे के लिए प्रशासन ने फाइल तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजी गई है।
इस मामले में सोमवार को पांवटा साहिब के एसडीएम विवेक महाजन ने अपने कार्यालय में भूमि मालिकों और वन विभाग के अधिकारी तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ बैठक की गई जिसमें गंदे नाले की समस्या को सुलझाने के बारे में चर्चा की गई। एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती में गंदे नाले की समस्या काफी समय से है जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गंदे नाले को बंद करने के लिए भूमि मालिकों और अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। जिन भूमि मालिकों को मुआवजा दिया जाना है। इसकी रिपोर्ट दुबारा से प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
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बैठक में डीएफओ पांवटा कुनाल अंग्रीश, तहसीलदार वेद प्रकाश अग्निहोत्री, बीडीओ गौरव धीमान, ईओ एसएस नेगी, एसडीएम कार्यालय अधीक्षक जगदीश अत्री, कानूनगो गीताराम, ललित गोयल, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह, मैनेजर जगीर सिंह, हरप्रीत सिंह, कर्मवीर सिंह, प्रीत मोहन सिंह, मोहकम सिंह, रविदीप सिंह, विजय कुमार, बीर सिंह, रामदयाल और बनारसी दास आदि मौजूद थे।
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पांवटा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 और 7 की वाल्मीकि बस्ती के बीचों-बीच बह रहे गंदे खुले नाले से लोगों को काफी समय से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस मुद्दे को लोगों ने दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पांवटा प्रवास पर भी उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को शहरी खुले गंदे नाले को बंद करने के निर्देश दिये थे लेकिन जिस जगह पर गंदा नाला है वह जगह स्थानीय लोगों की निजी भूमि एवं कुछ जमीन वन विभाग की भी आती है। इसके मुआवजे के लिए प्रशासन ने फाइल तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजी गई है।
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इस मामले में सोमवार को पांवटा साहिब के एसडीएम विवेक महाजन ने अपने कार्यालय में भूमि मालिकों और वन विभाग के अधिकारी तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ बैठक की गई जिसमें गंदे नाले की समस्या को सुलझाने के बारे में चर्चा की गई। एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती में गंदे नाले की समस्या काफी समय से है जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गंदे नाले को बंद करने के लिए भूमि मालिकों और अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। जिन भूमि मालिकों को मुआवजा दिया जाना है। इसकी रिपोर्ट दुबारा से प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
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बैठक में डीएफओ पांवटा कुनाल अंग्रीश, तहसीलदार वेद प्रकाश अग्निहोत्री, बीडीओ गौरव धीमान, ईओ एसएस नेगी, एसडीएम कार्यालय अधीक्षक जगदीश अत्री, कानूनगो गीताराम, ललित गोयल, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह, मैनेजर जगीर सिंह, हरप्रीत सिंह, कर्मवीर सिंह, प्रीत मोहन सिंह, मोहकम सिंह, रविदीप सिंह, विजय कुमार, बीर सिंह, रामदयाल और बनारसी दास आदि मौजूद थे।