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पांवटा क्षेत्र में बढ़ा डायरिया का प्रकोप, पीलिया के दो मामले
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राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी के बाहर पर्ची लेकर खड़ीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : NAHAN
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। बरसात का मौसम शुरू होते ही जलजनित रोगों में भी इजाफा होने लगा है। अस्पताल में रोजाना डायरिया के दो दर्जन मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, पीलिया रोग के भी मंगलवार को दो मामले अस्पताल पहुंचे। इनमें छोटे बच्चे पीलिया की चपेट में आए हैं। इसके साथ-साथ एलर्जी के मामलों में भी वृद्घि होने लगी है।
जानकारी के अनुसार कई लोग जलजनित रोगों की चपेट में हैं। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। कई लोगों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां देकर घर भेजा जा रहा है तो गंभीर रोगी अस्पताल में दाखिल किए जा रहे हैं।
अस्पताल में दो बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। लिहाजा, अब क्षेत्र में पीलिया ने भी दस्तक दे दी है। बरसात के मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, जुकाम व उल्टी दस्त के मामलों में इजाफा होने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
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पांवटा सिविल अस्पताल प्रभारी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ जैन ने कहा कि बरसात शुरू होते ही जलजनित रोग बढ़ते हैं। आजकल रोजाना दो दर्जन से अधिक डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। अभी स्थिति सामान्य है। बच्चों में पीलिया के भी रोज एक-दो मरीज आने लगे हैं। मंगलवार को पीलिया के दो रोगी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें चार साल की आयु के बच्चे शामिल हैं।
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बरसात में बीमारियों से करें बचाव
बरसात का मौसम कई तरह की बीमारियां साथ लेकर आता है। इस मौसम में नमी और पानी के कारण संक्रमण फैलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
पानी में पनपने वाले मच्छरों के काटने से होने वाले रोगों के अलावा जीवाणुओं से पैदा होने वाले रोग जैसे डायरिया, पीलिया और फूड प्वाइजनिंग का भी खतरा रहता है। इस मौसम में कभी उमस तो कभी ठंड के कारण फ्लू, सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी और इंफेक्शन का भी खतरा बढ़ रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जैन ने कहा कि बरसात में होने वाले रोगों से लोग अपना बचाव करें।
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राजपुर में भी पहुंच रहे उल्टी दस्त के मरीज
नघेता। राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में भी बुखार, उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना 15 से 20 रोगी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बीएमओ डॉ. अजय देओल ने बताया कि बुखार, उल्टी और दस्त के सामान्य मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। बरसात के मौसम में पानी उबाल कर पीयें। अपने आसपास गंदगी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव करें। उन्होंने कहा कि अभी पीलिया, डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। ज्यादा संख्या बुखार से पीड़ित मरीजों की है।
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जानकारी के अनुसार कई लोग जलजनित रोगों की चपेट में हैं। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। कई लोगों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां देकर घर भेजा जा रहा है तो गंभीर रोगी अस्पताल में दाखिल किए जा रहे हैं।
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अस्पताल में दो बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। लिहाजा, अब क्षेत्र में पीलिया ने भी दस्तक दे दी है। बरसात के मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, जुकाम व उल्टी दस्त के मामलों में इजाफा होने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
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पांवटा सिविल अस्पताल प्रभारी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ जैन ने कहा कि बरसात शुरू होते ही जलजनित रोग बढ़ते हैं। आजकल रोजाना दो दर्जन से अधिक डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। अभी स्थिति सामान्य है। बच्चों में पीलिया के भी रोज एक-दो मरीज आने लगे हैं। मंगलवार को पीलिया के दो रोगी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें चार साल की आयु के बच्चे शामिल हैं।
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बरसात में बीमारियों से करें बचाव
बरसात का मौसम कई तरह की बीमारियां साथ लेकर आता है। इस मौसम में नमी और पानी के कारण संक्रमण फैलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
पानी में पनपने वाले मच्छरों के काटने से होने वाले रोगों के अलावा जीवाणुओं से पैदा होने वाले रोग जैसे डायरिया, पीलिया और फूड प्वाइजनिंग का भी खतरा रहता है। इस मौसम में कभी उमस तो कभी ठंड के कारण फ्लू, सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी और इंफेक्शन का भी खतरा बढ़ रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जैन ने कहा कि बरसात में होने वाले रोगों से लोग अपना बचाव करें।
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राजपुर में भी पहुंच रहे उल्टी दस्त के मरीज
नघेता। राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में भी बुखार, उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना 15 से 20 रोगी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बीएमओ डॉ. अजय देओल ने बताया कि बुखार, उल्टी और दस्त के सामान्य मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। बरसात के मौसम में पानी उबाल कर पीयें। अपने आसपास गंदगी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव करें। उन्होंने कहा कि अभी पीलिया, डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। ज्यादा संख्या बुखार से पीड़ित मरीजों की है।

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में छोटे बच्चे की स्वास्थ्य जांच करते शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ जै?- फोटो : NAHAN

राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए पहुंचीं दो बुजुर्ग महिलाएं। संवाद- फोटो : NAHAN