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Sirmour News: धान खरीद में दिक्कतें, किसानों को चार से पांच दिन करना पड़ रहा है इंतजार
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(ग्राउंड रिपोर्ट)पांवटा साहिब केंद्र में धान फसल लेकर पहुंचे किसानों के ट्रैक्टरों की लगी लंबी
(ग्राउंड रिपोर्ट)
किसान बोले, स्लॉट बुकिंग की लिमिट 25 से 35 की जाए, भुगतान समय पर मिले
40 फीसदी किसानों को भुगतान का इंतजार, 18 बीघा खाली भूमि का भी हो इस्तेमाल
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब अनाज मंडी में धान बेचने पहुंच रहे किसानों को इस बार कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों की कमी के चलते किसानों को फसल की खरीद के लिए चार से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं, किसानों का कहना है कि खरीद के 48 से 72 घंटे के भीतर खाते में पहुंचने वाला भुगतान भी इस बार तय समय पर नहीं मिल रहा है। किसानों ने मंडी परिसर की खाली पड़ी करीब 18 बीघा भूमि को समतल कर उपयोग में लाने और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सीमा 25 से बढ़ाकर 35 करने की मांग उठाई है।
श्यामपुर निवासी प्रगतिशील किसान रामपाल सिंह नंबरदार ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से धान से भरी ट्रॉली लेकर खरीद का इंतजार कर रहे हैं। इन दिनों किसानों को नंबर आने के लिए चार से पांच दिन तक मंडी में रुकना पड़ रहा है। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी हो रही है।
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1.किसान गुरविंद्र सिंह ने कहा कि मंडी समिति के पास करीब 18 बीघा खाली भूमि उपलब्ध है। इसे समतल कर खरीद प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल किया जाए तो मंडी में जगह बढ़ेगी और किसानों को राहत मिलेगी।
-- - 2.मानपुर देवड़ा निवासी मुलखराज ने बताया कि इस बार मजदूरों की कमी के कारण खरीद में देरी हो रही है। धान से भरे ट्रैक्टर चार दिन से मंडी परिसर में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में पेयजल और कैंटीन की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन खरीद में देरी से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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3.किसान योगेंद्र सिंह ने दावा किया कि पांवटा केंद्र में करीब 294 किसानों का भुगतान अभी लंबित है। उन्होंने सरकार और खरीद एजेंसी से भुगतान जल्द जारी करने तथा ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सीमा 25 से बढ़ाकर 35 करने की मांग की। उनके अनुसार, स्लॉट उपलब्ध नहीं होने से किसानों को बुकिंग में दिक्कत आ रही है और 15 दिसंबर तक के टोकन बुक हो चुके हैं।
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4.भगानी निवासी हरदेव सिंह ने बताया कि वह भी चार दिन से ट्रैक्टर लेकर मंडी में खड़े हैं। उन्होंने मजदूरों की कमी के साथ परिसर में बंदरों के आतंक की समस्या भी उठाई। बंदर ट्रैक्टरों पर डाली गई तिरपाल फाड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बॉक्स-- -- -- --
दिक्कतों के बावजूद धान खरीद में पांवटा केंद्र प्रदेश में आगे
पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश में अब तक 2860 किसानों से 17474 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसकी कुल कीमत करीब 21.66 करोड़ रुपये है। पांवटा साहिब केंद्र में प्रदेश में सबसे अधिक 561 किसानों से 2766 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीद के मामले में कांगड़ा जिले का रियाली केंद्र 2134 मीट्रिक टन के साथ दूसरे और मिलवां-इंदौरा केंद्र 2025 मीट्रिक टन खरीद के साथ तीसरे स्थान पर है। संवाद-- -- -- -- -- --
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किसान बोले, स्लॉट बुकिंग की लिमिट 25 से 35 की जाए, भुगतान समय पर मिले
40 फीसदी किसानों को भुगतान का इंतजार, 18 बीघा खाली भूमि का भी हो इस्तेमाल
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब अनाज मंडी में धान बेचने पहुंच रहे किसानों को इस बार कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों की कमी के चलते किसानों को फसल की खरीद के लिए चार से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं, किसानों का कहना है कि खरीद के 48 से 72 घंटे के भीतर खाते में पहुंचने वाला भुगतान भी इस बार तय समय पर नहीं मिल रहा है। किसानों ने मंडी परिसर की खाली पड़ी करीब 18 बीघा भूमि को समतल कर उपयोग में लाने और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सीमा 25 से बढ़ाकर 35 करने की मांग उठाई है।
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श्यामपुर निवासी प्रगतिशील किसान रामपाल सिंह नंबरदार ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से धान से भरी ट्रॉली लेकर खरीद का इंतजार कर रहे हैं। इन दिनों किसानों को नंबर आने के लिए चार से पांच दिन तक मंडी में रुकना पड़ रहा है। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी हो रही है।
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1.किसान गुरविंद्र सिंह ने कहा कि मंडी समिति के पास करीब 18 बीघा खाली भूमि उपलब्ध है। इसे समतल कर खरीद प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल किया जाए तो मंडी में जगह बढ़ेगी और किसानों को राहत मिलेगी।
3.किसान योगेंद्र सिंह ने दावा किया कि पांवटा केंद्र में करीब 294 किसानों का भुगतान अभी लंबित है। उन्होंने सरकार और खरीद एजेंसी से भुगतान जल्द जारी करने तथा ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सीमा 25 से बढ़ाकर 35 करने की मांग की। उनके अनुसार, स्लॉट उपलब्ध नहीं होने से किसानों को बुकिंग में दिक्कत आ रही है और 15 दिसंबर तक के टोकन बुक हो चुके हैं।
4.भगानी निवासी हरदेव सिंह ने बताया कि वह भी चार दिन से ट्रैक्टर लेकर मंडी में खड़े हैं। उन्होंने मजदूरों की कमी के साथ परिसर में बंदरों के आतंक की समस्या भी उठाई। बंदर ट्रैक्टरों पर डाली गई तिरपाल फाड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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दिक्कतों के बावजूद धान खरीद में पांवटा केंद्र प्रदेश में आगे
पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश में अब तक 2860 किसानों से 17474 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसकी कुल कीमत करीब 21.66 करोड़ रुपये है। पांवटा साहिब केंद्र में प्रदेश में सबसे अधिक 561 किसानों से 2766 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीद के मामले में कांगड़ा जिले का रियाली केंद्र 2134 मीट्रिक टन के साथ दूसरे और मिलवां-इंदौरा केंद्र 2025 मीट्रिक टन खरीद के साथ तीसरे स्थान पर है। संवाद