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प्रचंड गर्मी के दृष्टिगत सभी विभाग मुस्तैदी से करें अपना कार्य : सुमित खिमटा
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नाहन में तीन विभागों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा। संवाद
प्रचंड गर्मी के दृष्टिगत सभी विभाग मुस्तैदी से करें अपना कार्य : सुमित खिमटा
भीषण आग और हीट वेव के अलर्ट के चलते विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर सुमित खिमटा ने जलशक्ति, वन और अन्य संबंधित विभागों को सिरमौर जिले में चल रही हीट वेव और जंगलों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के नियंत्रण के लिए समय पर मुस्तैदी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा सोमवार को नाहन में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से अगले चार-पांच दिनों तक जिले में भीषण आग और हीट वेव के अलर्ट के दृष्टिगत जलशक्ति, वन, अग्निशमन तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने हीट वेव और आग के मामलों की समीक्षा भी की।
खिमटा ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सिरमौर को ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती हुई जंगली आग की घटनाओं के संदर्भ में समस्त पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक जागरुकता अभियान चलाने के लिए कहा। इसके अलावा ग्रामीणों से आग की घटनाओं में सहयोग करने संबंधी अभियान चलाए चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 30 जून तक पंचायत स्तर पर ठीकरी पहरा लगाने के आदेश भी जारी किए गए हैं जिसकी अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाए।
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सुमित खिमटा ने जिले के ऐसे क्षेत्र जहां पर अग्निशमन चौकियां स्थापित नहीं हुई हैं उन स्थानों पर चौकियां स्थापित करने का मामला तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने जल शक्ति विभाग को राजगढ़ क्षेत्र में फायर हाइड्रेंट स्थापित करने के लिए सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
आदेशक गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी सिरमौर टीआर शर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय नाहन में-45, पांवटा साहिब-5, कालाअंब-5 तथा शिलाई में शून्य फायर हाईड्रेंट वर्तमान में स्थापित हैं और सभी फायर हाईड्रेंट कार्यशील हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर फायर हाईड्रेंट स्थापित नहीं हैं वहां पर अन्य जल संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में जितने भी स्थानों पर जंगल में आग लगने की सूचना विभाग को प्राप्त हुई है उन सभी को वन विभाग, स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर नियंत्रित कर लिया गया है।
मुख्य अरण्यपाल सिरमौर वसंत बाबू ने अवगत करवाया कि वन विभाग की ओर से इस ग्रीष्मकालीन ऋतु के लिए एक सहायता नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में जंगल में लगने वाली आग के लगभग 30 मामले विभाग द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एलआर वर्मा, जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति राजीव कुमार महाजन, उप- पुलिस अधीक्षक नाहन रमाकांत, मंडलीय वन अधिकारी हेडक्वार्टर रामपाल सिंह, समन्वयक-आपदा प्रबंधन व अन्य अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
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भीषण आग और हीट वेव के अलर्ट के चलते विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर सुमित खिमटा ने जलशक्ति, वन और अन्य संबंधित विभागों को सिरमौर जिले में चल रही हीट वेव और जंगलों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के नियंत्रण के लिए समय पर मुस्तैदी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा सोमवार को नाहन में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से अगले चार-पांच दिनों तक जिले में भीषण आग और हीट वेव के अलर्ट के दृष्टिगत जलशक्ति, वन, अग्निशमन तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने हीट वेव और आग के मामलों की समीक्षा भी की।
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खिमटा ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सिरमौर को ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती हुई जंगली आग की घटनाओं के संदर्भ में समस्त पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक जागरुकता अभियान चलाने के लिए कहा। इसके अलावा ग्रामीणों से आग की घटनाओं में सहयोग करने संबंधी अभियान चलाए चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 30 जून तक पंचायत स्तर पर ठीकरी पहरा लगाने के आदेश भी जारी किए गए हैं जिसकी अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाए।
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सुमित खिमटा ने जिले के ऐसे क्षेत्र जहां पर अग्निशमन चौकियां स्थापित नहीं हुई हैं उन स्थानों पर चौकियां स्थापित करने का मामला तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने जल शक्ति विभाग को राजगढ़ क्षेत्र में फायर हाइड्रेंट स्थापित करने के लिए सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
आदेशक गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी सिरमौर टीआर शर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय नाहन में-45, पांवटा साहिब-5, कालाअंब-5 तथा शिलाई में शून्य फायर हाईड्रेंट वर्तमान में स्थापित हैं और सभी फायर हाईड्रेंट कार्यशील हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर फायर हाईड्रेंट स्थापित नहीं हैं वहां पर अन्य जल संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में जितने भी स्थानों पर जंगल में आग लगने की सूचना विभाग को प्राप्त हुई है उन सभी को वन विभाग, स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर नियंत्रित कर लिया गया है।
मुख्य अरण्यपाल सिरमौर वसंत बाबू ने अवगत करवाया कि वन विभाग की ओर से इस ग्रीष्मकालीन ऋतु के लिए एक सहायता नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में जंगल में लगने वाली आग के लगभग 30 मामले विभाग द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एलआर वर्मा, जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति राजीव कुमार महाजन, उप- पुलिस अधीक्षक नाहन रमाकांत, मंडलीय वन अधिकारी हेडक्वार्टर रामपाल सिंह, समन्वयक-आपदा प्रबंधन व अन्य अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।