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नशे के दुष्प्रभाव की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : प्रियंका वर्मा
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बचत भवन नाहन में आयोजित हितधारक कार्यशाला को संबोधित करतीं उपायुक्त प्रियंका वर्मा। स्रोत: जन स
-बचत भवन नाहन में आयोजित हितधारक कार्यशाला में बोलीं उपायुक्त
-नशे के कारोबार पर कार्रवाई के साथ जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में नशे के दुरुपयोग की रोकथाम और जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्ययोजना के तहत एक दिवसीय हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों, संस्थाओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान नशे की रोकथाम, पहचान, उपचार और पुनर्वास को लेकर सामूहिक रणनीति पर चर्चा की गई।
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता और इसकी रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। नशे की आदत युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के साथ परिवार और पूरे समाज को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के साथ जागरूकता, रोकथाम, समय पर हस्तक्षेप, उपचार और पुनर्वास को लेकर बहुआयामी रणनीति अपनानी होगी।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हिमाचल का सपना साकार करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों, स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं और समाज को मिलकर काम करना होगा। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। कार्यशाला की शुरुआत तहसील कल्याण अधिकारी शिलाई विजय सिंह ने की। कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब की सहायक प्रोफेसर मनीषा सहगल ने नशे की रोकथाम, जागरूकता और समय रहते हस्तक्षेप विषय पर प्रस्तुति दी।
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हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज के सत्यवान पुंडीर ने नशे की समस्या और इसके दुष्प्रभावों पर विचार साझा किए। ब्रह्मकुमारी संस्था की दीपशिखा ने नशा मुक्ति और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। थाना प्रभारी नाहन सदर कुलवीर सिंह ने नशे के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की डॉ. अनुपमा अरोड़ा और डॉ. स्वास्तिक पुंडीर ने नशे की पहचान, रोकथाम और उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
शिक्षा विभाग से विवेक कौशिक ने भी नशा विरोधी जागरूकता पर प्रस्तुति दी। आईटीआई के छात्र मुस्कान और आदित्य ने नशा मुक्ति विषय पर भाषण प्रस्तुत कर युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज की ओर से नशा विरोधी जागरूकता पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी सरला कुमारी, सुमन शर्मा, धर्मी देवी, चंचल, गोविंद प्रसाद, सांख्यिकी वरिष्ठ सहायक समी अली, सहायक राजू अली सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।-- -- -- -- -- -
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-नशे के कारोबार पर कार्रवाई के साथ जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में नशे के दुरुपयोग की रोकथाम और जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्ययोजना के तहत एक दिवसीय हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों, संस्थाओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान नशे की रोकथाम, पहचान, उपचार और पुनर्वास को लेकर सामूहिक रणनीति पर चर्चा की गई।
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता और इसकी रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। नशे की आदत युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के साथ परिवार और पूरे समाज को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के साथ जागरूकता, रोकथाम, समय पर हस्तक्षेप, उपचार और पुनर्वास को लेकर बहुआयामी रणनीति अपनानी होगी।
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उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हिमाचल का सपना साकार करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों, स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं और समाज को मिलकर काम करना होगा। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। कार्यशाला की शुरुआत तहसील कल्याण अधिकारी शिलाई विजय सिंह ने की। कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब की सहायक प्रोफेसर मनीषा सहगल ने नशे की रोकथाम, जागरूकता और समय रहते हस्तक्षेप विषय पर प्रस्तुति दी।
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हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज के सत्यवान पुंडीर ने नशे की समस्या और इसके दुष्प्रभावों पर विचार साझा किए। ब्रह्मकुमारी संस्था की दीपशिखा ने नशा मुक्ति और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। थाना प्रभारी नाहन सदर कुलवीर सिंह ने नशे के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की डॉ. अनुपमा अरोड़ा और डॉ. स्वास्तिक पुंडीर ने नशे की पहचान, रोकथाम और उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
शिक्षा विभाग से विवेक कौशिक ने भी नशा विरोधी जागरूकता पर प्रस्तुति दी। आईटीआई के छात्र मुस्कान और आदित्य ने नशा मुक्ति विषय पर भाषण प्रस्तुत कर युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज की ओर से नशा विरोधी जागरूकता पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी सरला कुमारी, सुमन शर्मा, धर्मी देवी, चंचल, गोविंद प्रसाद, सांख्यिकी वरिष्ठ सहायक समी अली, सहायक राजू अली सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।