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रेणुका बांध निर्माण पर कोरोना का संकट
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ददाहू (सिरमौर)। राष्ट्रीय महत्व की बहुआयामी रेणुका बांध परियोजना के निर्माण पर कोरोना संकट की तलवार लटक गई है। इसी वर्ष शुरू होने वाली इस परियोजना के निर्माण पर अब प्रश्नचिह्न लग गया है। लिहाजा, परियोजना का कार्य लटकता दिखाई दे रहा है। संकट के दौर से गुजर रहे देश और प्रदेश पर आर्थिक तंगी के चलते बड़ी जल और विद्युत परियोजनाओं के लिए बजट जुटाना अब मुश्किल साबित हो गया है।
करीब 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका बांध परियोजना के निर्माण से जहां राजधानी दिल्ली को 23 क्यूमैक्स पानी की आपूर्ति होनी है, वहीं हिमाचल को 40 मेगावाट विद्युत उत्पादन का सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना के निर्माण से संबंधित तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर लिए जाने के बाद परियोजना निर्माण की गेंद अब केवल मात्र केंद्र सरकार के पाले में है ताकि बजट का प्रावधान होते ही निर्माण कार्य आरंभ किया जा सके लेकिन वर्तमान में संकट के दौर से गुजर रहे देश पर कोरोना महामारी के काले बादल मंडरा रहे हैं।
इससे पार पाना ही चुनौती साबित हो रहा है। वहीं प्रदेश और केंद्र सरकार का ध्यान कोरोना महामारी से निपटने पर ही केंद्रित है। ऐसे में बड़ी परियोजनाओं के निर्माण की ओर सरकार का कोई ध्यान तक नहीं है। जबकि, इस वर्ष रेणुका बांध का निर्माण शुरू होने की पूरी उम्मीद थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने अलग से बजट का प्रावधान करने का मन भी बना लिया था लेकिन अब रेणुका बाध निर्माण की आस फिर से अधूरी दिखाई दे रही है।
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रेणुका बांध परियोजना के महाप्रबंधक पीके टंडन ने बताया कि रेणुका बांध निर्माण का मुद्दा प्रदेश और केंद्र सरकार के संज्ञान में है। तमाम औपचारिकताएं पूरी भी हो चुकी हैं लेकिन वर्तमान समय में सरकार की प्राथमिकता कोरोना वायरस से निपट कर देश और प्रदेश को संक्रमण से मुक्त कराने की है। बजट का प्रावधान होते ही रेणुका बांध के निर्माण की ओर आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
उधर, लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि विकास कार्यों से पहले कोरोना महामारी से निपट कर लोगों को बचाया जाना बेहद जरूरी है जिस पर सरकार बड़े पैमाने पर काम कर रही है। विकास कार्य यथासंभव चलते रहेंगे, बजट भी मिलेगा ओर काम भी शुरू होंगे लेकिन इससे पूर्व कोरोना महामारी से छुटकारा पाना बेहद जरूरी है। इस बारे केंद्र सरकार से विचार-विमर्श किया गया है। संभावनाएं पूरी तरह से अनुकूल हैं।.
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- रेणुका बांध में उपमहाप्रबंधक ने संभाला कार्यभार
रेणुका बांध परियोजना कार्यालय में नए उपमहाप्रबंधक अपना कार्यभार संभाल लिया है। ई. सुनील ठाकुर को रेणुका बांध का नया डीजीएम नियुक्त किया गया है। बीते वर्ष मार्च 2019 से ही परियोजना कार्यालय में उपमहाप्रबंधक का पद रिक्त पड़ा हुआ था। अधीक्षण अभियंता सुनील ठाकुर को अब रेणुका बांध परियोजना का नया डीजीएम नियुक्त किया गया है। इंजीनियर सुनील ठाकुर इससे पूर्व एचपीपीसीएल के शिमला कार्यालय में ही अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनको पदोन्नत करके उप- महाप्रबंधक के पद पर तैनाती दी गई है। सुनील ठाकुर ने मुख्य कार्यालय शिमला से ही अपनी ज्वाइनिंग देकर अपनी सेवाएं आरंभ कर दी हैं।.
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करीब 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका बांध परियोजना के निर्माण से जहां राजधानी दिल्ली को 23 क्यूमैक्स पानी की आपूर्ति होनी है, वहीं हिमाचल को 40 मेगावाट विद्युत उत्पादन का सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना के निर्माण से संबंधित तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर लिए जाने के बाद परियोजना निर्माण की गेंद अब केवल मात्र केंद्र सरकार के पाले में है ताकि बजट का प्रावधान होते ही निर्माण कार्य आरंभ किया जा सके लेकिन वर्तमान में संकट के दौर से गुजर रहे देश पर कोरोना महामारी के काले बादल मंडरा रहे हैं।
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इससे पार पाना ही चुनौती साबित हो रहा है। वहीं प्रदेश और केंद्र सरकार का ध्यान कोरोना महामारी से निपटने पर ही केंद्रित है। ऐसे में बड़ी परियोजनाओं के निर्माण की ओर सरकार का कोई ध्यान तक नहीं है। जबकि, इस वर्ष रेणुका बांध का निर्माण शुरू होने की पूरी उम्मीद थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने अलग से बजट का प्रावधान करने का मन भी बना लिया था लेकिन अब रेणुका बाध निर्माण की आस फिर से अधूरी दिखाई दे रही है।
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रेणुका बांध परियोजना के महाप्रबंधक पीके टंडन ने बताया कि रेणुका बांध निर्माण का मुद्दा प्रदेश और केंद्र सरकार के संज्ञान में है। तमाम औपचारिकताएं पूरी भी हो चुकी हैं लेकिन वर्तमान समय में सरकार की प्राथमिकता कोरोना वायरस से निपट कर देश और प्रदेश को संक्रमण से मुक्त कराने की है। बजट का प्रावधान होते ही रेणुका बांध के निर्माण की ओर आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
उधर, लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि विकास कार्यों से पहले कोरोना महामारी से निपट कर लोगों को बचाया जाना बेहद जरूरी है जिस पर सरकार बड़े पैमाने पर काम कर रही है। विकास कार्य यथासंभव चलते रहेंगे, बजट भी मिलेगा ओर काम भी शुरू होंगे लेकिन इससे पूर्व कोरोना महामारी से छुटकारा पाना बेहद जरूरी है। इस बारे केंद्र सरकार से विचार-विमर्श किया गया है। संभावनाएं पूरी तरह से अनुकूल हैं।.
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- रेणुका बांध में उपमहाप्रबंधक ने संभाला कार्यभार
रेणुका बांध परियोजना कार्यालय में नए उपमहाप्रबंधक अपना कार्यभार संभाल लिया है। ई. सुनील ठाकुर को रेणुका बांध का नया डीजीएम नियुक्त किया गया है। बीते वर्ष मार्च 2019 से ही परियोजना कार्यालय में उपमहाप्रबंधक का पद रिक्त पड़ा हुआ था। अधीक्षण अभियंता सुनील ठाकुर को अब रेणुका बांध परियोजना का नया डीजीएम नियुक्त किया गया है। इंजीनियर सुनील ठाकुर इससे पूर्व एचपीपीसीएल के शिमला कार्यालय में ही अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनको पदोन्नत करके उप- महाप्रबंधक के पद पर तैनाती दी गई है। सुनील ठाकुर ने मुख्य कार्यालय शिमला से ही अपनी ज्वाइनिंग देकर अपनी सेवाएं आरंभ कर दी हैं।.