{"_id":"66fa901d9b3b158310081346","slug":"dagyali-aur-shintu-dance-presents-in-bhopal-by-chudeshwer-culture-mandal-nahan-news-c-177-1-ssml1028-133526-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: भोपाल में सिरमौर के डगयाली और सिंहटू नृत्य ने जमाया रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: भोपाल में सिरमौर के डगयाली और सिंहटू नृत्य ने जमाया रंग
विज्ञापन
सचित्र--
भोपाल में सिरमौर के डगयाली और सिंहटू नृत्य ने जमाया रंग
सिरमौर के कलाकारों ने प्रतिरूप नृत्योत्सव में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। जिला सिरमौर के गिरिपार के हाटी समुदाय के डग्याली और सिंहटू नृत्य का चूड़ेश्वर सांस्कृतिक मंडल ने भोपाल में मनभावन प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एवं व्लर्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड होल्डर डाॅ. जोगेंद्र हाब्बी ने यहां जारी प्रेस ब्यान में बताया कि सिरमौर जनपद के गिरिपार हाटी जनजातीय क्षेत्र के लोक कलाकारों ने मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिरूप नृत्योत्सव में सिंहटू और डग्याली नृत्य का प्रदर्शन किया।
इस नृत्य उत्सव का आयोजन जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद के सौजन्य से किया गया। भारत वर्ष के अनेकों राज्यों में प्रचलित मुखौटा नृत्यों पर केंद्रित राष्ट्रीय स्तरीय नृत्योत्सव में डाॅ. हाब्बी के नेतृत्व में गिरिपार के सिंहटू और डग्याली नाच की प्रस्तुति को दर्शकों ने पसंद किया। पद्मश्री विद्यानंद सरैक और डाॅ. जोगेंद्र हाब्बी के निर्देशन में तैयार किए गए नृत्यों को लोक कलाकारों ने बहुत ही आकर्षक अंदाज में प्रदर्शित कर भोपाल के जनमानस में गिरिपार के हाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विधाओं की छाप छोड़ी।
डग्याली नृत्य का पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के पश्चात आने वाली त्रयोदश और चतुर्दश की रात्रि को होता है और सिंहटू नृत्य सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लेऊनाना व कुप्फर गांव में दिपावली और एकादशी के दिन किया जाता है।
विज्ञापन
मुखौटा नृत्यों पर केंद्रित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय नृत्य समारोह में चूड़ेश्वर लोक नृत्य सांस्कृतिक मंडल के कलाकारों में सुप्रसिद्ध लोक गायक रामलाल वर्मा, गोपाल हाब्बी, बिमला चौहान, शहनाई व बांसुरी वादक बलदेव, ढोलक वादक संदीप, करनाल व रणसींगा वादक मुकेश, लोक नर्तकों में चमन, मनमोहन, अमीचंद, इंद्रदेव, सुनील, सरोज, अनुजा, आरती और पायल आदि कलाकार शामिल रहे। उत्सव में सिरमौर जनपद के गिरिपार हाटी क्षेत्र के सिंहटू और डग्याली नृत्य के अलावा, गुजरात का भवाड़ा, उड़ीसा का साहीजाता, केरल का थैययम, महाराष्ट्र का सौंगी मुखौटा,उत्तरांचल का रम्माण, पश्चिम बंगाल का पुरलिया छउ, मणिपुर का पक्षी नृत्य, सिक्किम का बजयोगिनी और लाखे नृत्य आदि मुखौटा नृत्यों की प्रस्तुतियां हुईं।
-- -संवाद
विज्ञापन
भोपाल में सिरमौर के डगयाली और सिंहटू नृत्य ने जमाया रंग
सिरमौर के कलाकारों ने प्रतिरूप नृत्योत्सव में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। जिला सिरमौर के गिरिपार के हाटी समुदाय के डग्याली और सिंहटू नृत्य का चूड़ेश्वर सांस्कृतिक मंडल ने भोपाल में मनभावन प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एवं व्लर्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड होल्डर डाॅ. जोगेंद्र हाब्बी ने यहां जारी प्रेस ब्यान में बताया कि सिरमौर जनपद के गिरिपार हाटी जनजातीय क्षेत्र के लोक कलाकारों ने मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिरूप नृत्योत्सव में सिंहटू और डग्याली नृत्य का प्रदर्शन किया।
इस नृत्य उत्सव का आयोजन जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद के सौजन्य से किया गया। भारत वर्ष के अनेकों राज्यों में प्रचलित मुखौटा नृत्यों पर केंद्रित राष्ट्रीय स्तरीय नृत्योत्सव में डाॅ. हाब्बी के नेतृत्व में गिरिपार के सिंहटू और डग्याली नाच की प्रस्तुति को दर्शकों ने पसंद किया। पद्मश्री विद्यानंद सरैक और डाॅ. जोगेंद्र हाब्बी के निर्देशन में तैयार किए गए नृत्यों को लोक कलाकारों ने बहुत ही आकर्षक अंदाज में प्रदर्शित कर भोपाल के जनमानस में गिरिपार के हाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विधाओं की छाप छोड़ी।
विज्ञापन
डग्याली नृत्य का पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के पश्चात आने वाली त्रयोदश और चतुर्दश की रात्रि को होता है और सिंहटू नृत्य सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लेऊनाना व कुप्फर गांव में दिपावली और एकादशी के दिन किया जाता है।
विज्ञापन
मुखौटा नृत्यों पर केंद्रित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय नृत्य समारोह में चूड़ेश्वर लोक नृत्य सांस्कृतिक मंडल के कलाकारों में सुप्रसिद्ध लोक गायक रामलाल वर्मा, गोपाल हाब्बी, बिमला चौहान, शहनाई व बांसुरी वादक बलदेव, ढोलक वादक संदीप, करनाल व रणसींगा वादक मुकेश, लोक नर्तकों में चमन, मनमोहन, अमीचंद, इंद्रदेव, सुनील, सरोज, अनुजा, आरती और पायल आदि कलाकार शामिल रहे। उत्सव में सिरमौर जनपद के गिरिपार हाटी क्षेत्र के सिंहटू और डग्याली नृत्य के अलावा, गुजरात का भवाड़ा, उड़ीसा का साहीजाता, केरल का थैययम, महाराष्ट्र का सौंगी मुखौटा,उत्तरांचल का रम्माण, पश्चिम बंगाल का पुरलिया छउ, मणिपुर का पक्षी नृत्य, सिक्किम का बजयोगिनी और लाखे नृत्य आदि मुखौटा नृत्यों की प्रस्तुतियां हुईं।