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राजगढ़ इलाके में फिर काटे देवदार के 2 पेड़
अमर उजाला ब्यूराो राजगढ़
Updated Wed, 08 Feb 2017 10:57 PM IST
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आग से झुलसे 100 से अधिक पेड़ों पर आरी चला दी
- फोटो : अमर उजाला
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राजगढ़ (सिरमौर)।
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वन मंडल राजगढ़ के जंगलों में फिर से वन काटुओं ने देवदार के दो बेशकीमती पेड़ों को कुल्हाड़ी से धराशायी कर दिया। राजगढ़ इलाके के जंगलों में अवैध कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक इलाके में वन काटुओं ने राज्य वृक्ष देवदार के दर्जनों पेड़ काटकर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
निजी व वन भूमि में काटे जा रहे पेड़ों के चलते जंगलों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। बहरहाल, पुलिस थाना राजगढ़ में अज्ञात वन काटुओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379 व आईएफ की धारा 26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्राधिकारी हाब्बन ने वन परिक्षेत्र बड़ोढ में देवदार के दो पेड़ काटे जाने के मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। इससे पूर्व राजगढ़ इलाके की दो बीटों में वन काटुओं ने बेशकीमती देवदार व कैल के पेड़ों को धराशायी कर दिया। इन काटे गए कुल सात पेड़ों की कीमत 4 लाख 53 हजार रुपये आंकी गई। इस वन क्षेत्र के धामला व कातोगा बीट में वन काटुओं ने देवदार व कैल के पेड़ कुल्हाड़ी से काट डाले। वन विभाग ने इन पेड़ों की कुछ लकड़ी भी बरामद की है। इसकी कीमत एक लाख 56 हजार रुपये बताई जा रही है। जबकि वन विभाग ने तीन फरवरी की रात को खरमांजी के समीप सड़क के नीचे जंगल से 59 देवदार की फ्रेम बरामद की। उधर, डीएसपी योगेश रोल्टा ने बताया कि मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
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जिले में अवैध कटान के दर्जनों मामले
जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्र के घने जंगलों में इन दिनों अवैध कटान जोरों पर हैं। विभाग के समक्ष भी अवैध कटान के दर्जनों मामले आ चुके हैं। वन काटू अंधेरे का फायदा उठाकर जंगलों को नष्ट करने में लगे हैं। विभिन्न वन बीटों में अभी तक दर्जनों बेशकीमती पेड़ वन काटुओं की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसे में जंगलों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।