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एक साल में तीन फर्जी कंपनियों ने हड़पे एक करोड़
अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:29 PM IST
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जिले में फर्जी कंपनी बनाकर शातिर लोगों की खून-पसीने की कमाई डकार रहे हैं। शातिर एक साल से भी कम अवधि में नाहन, पांवटा एवं गिरीपार के सालवाला में आम लोग, किसान एवं बागवनों को एक करोड़ से अधिक का चूना लगाकर चंपत हो गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया लेकिन शातिर गिरफ्त में नहीं आए। सिरमौर में लोगों को फर्जी कंपनी के नाम पर झांसा देने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं।
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सबसे पहले 24 जून 2015 को नाहन से कुछ शातिर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों से 10-12 एवं पांवटा एवं आसपास के क्षेत्रों से करीब 13 लाख रुपये वसूलकर चंपत हो गए। नामजद आरोपी ने पहले नाहन में कंपनी कार्यालय खोला। फिर स्थानीय चार लोगों को नौकरी पर लगाया। फिर तीन माह से पहले ही लाखों की ठगी कर फरार हो गए थे। जयश्री बालाजी सिक्योरिटी एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी ने नाहन माल रोड़ पर करीब ढाई माह तक कार्यालय खोला। फिर बेरोजगार युवाओं को झांसा दिया कि वह सरकारी योजनाओं का ऋण देते हैं। ऋण प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्होंने नाहन के 20 लोगों से पहले 10-10 हजार रुपये प्रोसेस फीस ली।
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इसके बाद कंपनी के कथित एमडी ने ऋण अप्लाई करने वाले लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर कहा कि वह अप्लाई किए गए लोन पर 20 प्रतिशत मार्जन मनी उसके पास जमा करवाएं। लोन लेने वाले लोगों ने करीब 6 लाख रुपये एमडी के पास जमा कर दिए। लेकिन ऋण देने के नाम पर कथित एमडी आनाकानी करने लगा। ऋण आवेदनकर्ताओं को फर्जीवाड़े का एहसास तब हुआ जब नाहन निवासी इनाम खान अपने साढ़े छह लाख रुपये का लोन लेने शिमला बताए गए कार्यालय पहुंचा। लेकिन वहां न कार्यालय था और संबंधित एमडी ने मोबाइल स्विच आफ कर रखा था।
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नाहन निवासी इनाम खान, आकाश दीप आदि ने बताया था कि नाहन के कंपनी कर्मचारियों और एमडी ने उनसे कहा कि उनका इलाहाबाद बैंक से टाईअप है। इसके अलावा कई बड़े नेताओं के करोड़ों रुपये की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए ऋण के रूप में लगाकर गरीब एवं बेरोजगारों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
इसके बाद सितंबर 2015 में गिरीरपार के सालवाला क्षेत्र में एक फर्जी ने किसानों एवं आम लोगों से रियायती दरों में कृषि उत्पाद देने का झांसा दिया और करीब 35 लाख ठग लिए। अब पांवटा तहसील में जलसाजों ने एक फर्जी कंपनी बनाकर दर्जनों किसानों से लाखों रुपये हड़पकर कथित कंपनी के सदस्य फरार हो गए हैं। भूपपूर के समीप कंपनी ने अस्थाई कार्यालय खोला था, जिसमें अब कोई कर्मचारी नहीं है। अभी तक चार दर्जन से अधिक किसानों से 25 से 30 लाख रुपये ऐंठने का अनुमान लगाया जा रहा है जो बढ़ भी सकता है।
एसपी सौम्या सांबशिवन ने कहा कि पांवटा थाने में कुछ लोगों की शिकायत मिलने के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जा रहा है। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जून 2015 में नाहन एवं पावंटा में इसी प्रकार की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। आमजन को इस प्रकार की फर्जी कंपनियों में पैसा लगाने से पहले पूरी तहकीकात करनी चाहिए।