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वन विभाग टीम ने अवैध पेड़ कटान मामले में की सख्त कार्रवाई,मशीनें की जब्त
अमर उजाला ब्यूराे नाहन
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:17 PM IST
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शादी समारोह के लिए सरकारी और निजी भूमि से पेड़ न काटने वाले परिवार को पंचायत अपनी ओर से मुफ्त में दो या तीन गैस सिलेंडर देगी।
- फोटो : Demo pic
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राजपुर (सिरमौर)। वन मंडल पांवटा के तहत आरक्षित वन क्षेत्र में खैर के पेड़ों के कटान के लिए अवैध रूप से चार आरा मशीनें चल रही थीं। सीआईडी और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान पाया गया है कि संबंधित व्यक्ति के पास एक ही आरा मशीन का पंजीकरण था, जबकि वहां पर चार मशीनें चल रही थीं। जिसका पंजीकरण था, वह भी एक्सपायर हो गया था। लिहाजा, वन विभाग ने अब कथित ठेकेदार पर शिकंजा कस दिया है। वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के लिए पुलिस थाना में भी शिकायत दी गई है।
गौरतलब है कि सिंघपुरा के जंगल में अवैध कटान का मामला सामने आया था। सीआईडी से मिले इनपुट के आधार पर वन विभाग और सीआईडी ने संयुक्त रूप से छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान आरक्षित वन क्षेत्र में खैर के 13 पेड़ काटे हुए पाए गए। इस क्षेत्र में वन माफिया लंबे अरसे से सक्रिय है। वर्ष 2011-12 में इसी रेंज के श्यामपुर बीट से 19 पेड़ तथा डांडा बीट से 24 खैर के पेड़ रातों रात साफ हो गए थे। इतना ही नहीं सितंबर 2013 में 39 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली। अब सिंघपुरा के जंगल में अवैध कटान का मामला आया है।
बताया जा रहा है कि अंबोया-डांडा बीट से मात्र 60 मीटर की दूरी पर आरा मशीनें व एक सेल डिपो चल रहा था। जहां से टीम ने खैर के काटे हुए 13 पेड़ों की लकड़ी भी बरामद हुई है। नाहन सर्कल के आईएफएस यशुदीप सिंह एवं सीआईडी टीम नाहन इंचार्ज लखवीर सिंह ने बताया कि छापामारी के दौरान पता चला है कि ठेकेदार की मशीनें अवैध रूप से थीं। एक मशीन का परमिट 31 दिसंबर को ही एक्सपायर हो गया है। जबकि तीन अन्य मशीनें बिना पंजीकरण के ही चल रही थीं। उन्होंने बताया कि चारों मशीनों को जब्त कर लिया गया है। यशुदीप ने बताया कि इसके अलावा आरा मशीन से करीब 85 हजार रुपये की अवैध लकड़ी भी बरामद हुई है जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
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गौरतलब है कि सिंघपुरा के जंगल में अवैध कटान का मामला सामने आया था। सीआईडी से मिले इनपुट के आधार पर वन विभाग और सीआईडी ने संयुक्त रूप से छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान आरक्षित वन क्षेत्र में खैर के 13 पेड़ काटे हुए पाए गए। इस क्षेत्र में वन माफिया लंबे अरसे से सक्रिय है। वर्ष 2011-12 में इसी रेंज के श्यामपुर बीट से 19 पेड़ तथा डांडा बीट से 24 खैर के पेड़ रातों रात साफ हो गए थे। इतना ही नहीं सितंबर 2013 में 39 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली। अब सिंघपुरा के जंगल में अवैध कटान का मामला आया है।
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बताया जा रहा है कि अंबोया-डांडा बीट से मात्र 60 मीटर की दूरी पर आरा मशीनें व एक सेल डिपो चल रहा था। जहां से टीम ने खैर के काटे हुए 13 पेड़ों की लकड़ी भी बरामद हुई है। नाहन सर्कल के आईएफएस यशुदीप सिंह एवं सीआईडी टीम नाहन इंचार्ज लखवीर सिंह ने बताया कि छापामारी के दौरान पता चला है कि ठेकेदार की मशीनें अवैध रूप से थीं। एक मशीन का परमिट 31 दिसंबर को ही एक्सपायर हो गया है। जबकि तीन अन्य मशीनें बिना पंजीकरण के ही चल रही थीं। उन्होंने बताया कि चारों मशीनों को जब्त कर लिया गया है। यशुदीप ने बताया कि इसके अलावा आरा मशीन से करीब 85 हजार रुपये की अवैध लकड़ी भी बरामद हुई है जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
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