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दहक उठे राजगढ़ के जंगल, धुएं से गिरा क्षेत्र
ब्यूरो अमर, उजाला राजगढ़ (सिरमौर)।
Updated Tue, 03 May 2016 07:25 PM IST
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उत्तराखंड जंगल की आग
- फोटो : amar ujala
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राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ तहसील के तहत आने वाले कई जंगल आग की चपेट में आ गए हैं। पिछले दो-तीन दिनों से जंगल में आग भड़की हुई है जिससे पूरा इलाका धुएं से गिर गया है। आसमान पर बादल से छा गए हैं। ग्राम पंचायत छोगटाली, भाणत व नेरीकोटली के जंगलों में लगी इस आग से करोड़ों रुपये की वन संपदा का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
वन्य प्राणी विभाग के शरण्य स्थल चूड़धार के छोगटाली वन क्षेत्र में गत दिन आग लगने से लगभग पचास हेक्टेयर वन क्षेत्र में करोड़ों रुपये की वन संपदा नष्ट हो गई है। बान के इस जंगल में कई दशकों से आग नहीं लगी थी। कई फुट ऊंचे बान के पत्तों के ढेर में आग इतनी भयंकर रूप धारण कर चुकी है कि कई पेड़ धराशाही हो गए। पेड़ गिरने से कंडानाला-राजगढ़ प्रवाह पेयजल योजना की मुख्य पाइप लाइन भी टूट गई है जिस कारण राजगढ़ की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। कंडानाला और शायरी खड्ड के मध्य का वन क्षेत्र पूरी तरह से जल गया है, जबकि इन दो नालों में पानी होने से आग इससे आगे नहीं बढ़ पाई है। अन्यथा समूचे चूड़धार क्षेत्र की वन संपदा नष्ट हो जाती। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत भाणत के मनौण, नेरीकोटली के डरैणा व पडिया तथा जाजर वन क्षेत्रों में भी आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है जहां जाजर वन में देवदार के पेड़ हैं वहीं अन्य वनों में चीड़ के पेड़ हैं।
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स्थानीय ग्रामीणों राजकुमार व सुरेंद्र तोमर ने बताया कि आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। वहीं वन्य प्राणियों का जीवन भी संकट में पड़ गया है। उधर, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग बुझाने का कार्य जारी है।
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