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हिमाचल में खनन कर रहा उतराखंड का माफिया

Tue, 05 Jun 2018 11:18 PM IST
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:18 PM IST
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हिमाचल में खनन कर रहा उतराखंड का माफिया
दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, साइट आफिस सहित अन्य निर्माण ध्वस्त - फोटो : अमर उजाला

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सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
उत्तराखंड-हिमाचल में अवैध खनन कारियों का दिन दिहाड़े बेलचा चल रहा है। इनकी हिमाकत इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि रोज सैकड़ों ट्रैक्टर हिमाचल की सीमा से रेत बजरी लेकर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं लेकिन कार्रवाई करने को कोई भी विभाग आगे नहीं आ रहा है।
अवैध खनन से धार्मिक आस्था के केंद्र यमुनाघाट व एनएच-7 पर बनें यमुना पुल पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। राज्यों को आपस में जोड़ने वाले यमुना पुल व नदी से कुछ दूरी पर धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
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पांवटा के जागरूक युवाओं मयंक महावर, हिमांशु मितल, अजय संसरवाल, नितिन, सुभाष भट्ट व नीरज गुप्ता ने कहा कि उत्तराखंड का खनन माफिया हिमाचल के धार्मिक स्थल यमुनाघाट तक पहुंच गया है। इनकी नजर करोड़ों की खनन संपदा पर है। यमुना बैराज से एनएच-7 यमुना पुल के बीच रोज सैकड़ों ट्रैक्टर दिन दिहाड़े खनन में लग रहे हैं। खनन के कारण नदी के बहाव बदलने व कटाव से गुुरुद्वारा, मंदिर, यमुनाघाट व एनएच पुल को खतरा मंडरा सकता है। इसकी शिकायत एसडीएम पांवटा से कर दी गई है जिसमें उत्तराखंड के अवैध खननकारियों पर जुर्माना, वाहन सीज करने व सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने का मामला दर्ज करने की मांग रखी है।
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उधर, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। इसके बाद उन्होंने मौके का दौरा किया और शिकायत सही पाई गई। उन्होंने कहा कि तत्काल डीएसपी पांवटा को उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
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नियम कानून पूरी तरह से ताक पर
नदी-नालों पर बने पुलों से ऊपर की ओर 200 मीटर व नीचे की तरफ 500 मीटर तक खनन अनुमति नहीं है। जहां सिंचाई-पेयजल स्कीमें हों, वहां से 500 मीटर दूरी पर ही वैध खनन हो सकता है।

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कौन-कौन है खनन रोकने को अधिकृत
प्रदेश सरकार ने करीब 39 अधिकारियों को अवैध खनन रोकने की शक्तियां दे रखी हैं जिसमें पुलिस विभाग, खनन, वन, लोक निर्माण, आईपीएच विभाग सहित ब्लॉक स्तर पर कई अधिकारियों को शक्तियां मिली हैं लेकिन अधिकतर विभाग इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं करते।
 
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