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शराब तस्करी के दोषी को पांच साल की कैद
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:08 PM IST
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Rohtak Court
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
शराब तस्करी और धोखाधड़ी के एक मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिरमौर डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत पांच साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। दोषी को अदालत ने आबकारी अधिनियम की धारा 39(1)ए के तहत पांच साल, भादंसं की धारा 420 के तहत 3 साल, 181 एमवी एक्ट और 192 एमवी एक्ट में 7-7 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसके अलावा अदालत ने इन्हीं धाराओं के तहत दोषी पर एक लाख 55 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रूमिंद्र बैंस ने की। उन्होंने बताया कि मामला 22 सितंबर 2012 का है। हरियाणा राज्य की सीमा से एक ट्रक नंबर यूपी17ए-4658 ने कालाअंब बैरियर पर हिमाचल में प्रवेश किया तो स्थानीय पुलिस ने उसे जांच के लिए रोका। इस दौरान ट्रक चालक नरेश कुमार पुत्र रामप्रसाद निवासी कैलाशपुर, सोनीपत (हरियाणा) पुलिस को देखकर हड़बड़ा गया। पुलिस ने शक के आधार पर जब ट्रक पर लगी तिरपाल हटाकर तलाशी ली तो तुड़ी के कट्टों की आड़ में ठिकाने पहुंचाई जा रही भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद की।
पुलिस ने ट्रक में कई मार्कों की अंग्रेजी शराब की 525 पेटियां मौके पर पकड़ीं। इसके बाद पुलिस ने शराब को कब्जे में लेकर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तफ्तीश में पाया कि ट्रक में लगी नंबर प्लेट भी फर्जी थी। छानबीन में पता चला कि ट्रक का असली नंबर एचआर 61-4757 था, जो आरटीओ भिवानी में पंजीकृत है।
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सहायक जिला न्यायवादी रूमिंद्र बैंस ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश पूरी होने पर चालक के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। वीरवार को अदालत ने तमाम दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर दोषी को यह सजा सुनाई।
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नाहन (सिरमौर)।
शराब तस्करी और धोखाधड़ी के एक मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिरमौर डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत पांच साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। दोषी को अदालत ने आबकारी अधिनियम की धारा 39(1)ए के तहत पांच साल, भादंसं की धारा 420 के तहत 3 साल, 181 एमवी एक्ट और 192 एमवी एक्ट में 7-7 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसके अलावा अदालत ने इन्हीं धाराओं के तहत दोषी पर एक लाख 55 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रूमिंद्र बैंस ने की। उन्होंने बताया कि मामला 22 सितंबर 2012 का है। हरियाणा राज्य की सीमा से एक ट्रक नंबर यूपी17ए-4658 ने कालाअंब बैरियर पर हिमाचल में प्रवेश किया तो स्थानीय पुलिस ने उसे जांच के लिए रोका। इस दौरान ट्रक चालक नरेश कुमार पुत्र रामप्रसाद निवासी कैलाशपुर, सोनीपत (हरियाणा) पुलिस को देखकर हड़बड़ा गया। पुलिस ने शक के आधार पर जब ट्रक पर लगी तिरपाल हटाकर तलाशी ली तो तुड़ी के कट्टों की आड़ में ठिकाने पहुंचाई जा रही भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद की।
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पुलिस ने ट्रक में कई मार्कों की अंग्रेजी शराब की 525 पेटियां मौके पर पकड़ीं। इसके बाद पुलिस ने शराब को कब्जे में लेकर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तफ्तीश में पाया कि ट्रक में लगी नंबर प्लेट भी फर्जी थी। छानबीन में पता चला कि ट्रक का असली नंबर एचआर 61-4757 था, जो आरटीओ भिवानी में पंजीकृत है।
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सहायक जिला न्यायवादी रूमिंद्र बैंस ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश पूरी होने पर चालक के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। वीरवार को अदालत ने तमाम दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर दोषी को यह सजा सुनाई।
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