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डंडे के दम पर बैरियरों की जिम्मेदारी
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। संवेदनशील माने जाने वाले हिमाचल प्रदेश के अधिकतर बैरियरों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं है। डंडों के दम पर ही बैरियरों का जिम्मा सौंपा गया है। वह भी महज दो जवानों पर। एक पुलिस का और एक होमगार्ड का। हथियारों से लैस होकर यदि कोई आए तो डंडों के सहारे कब तक बैरियरों का जिम्मा संभालेंगे। यमुनाघाट स्थित बैरियर पर फायरिंग की घटना से चंद रोज पहले जिला बिलासपुर के गरामोड़ा स्थित बैरियर पर भी गोली चलाई गई थी। इस घटना के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया।
जिला सिरमौर के कई मार्ग संवेदनशील राज्य सीमा से लगते हैं, जिसमें तस्करी व हिट एंड रन समेत वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी चौकसी की जरूरत है। बैरियरों पर हथियारबंद बदमाशों से कभी भी आमना सामना हो सकता है। इसलिए हिमाचल पुलिस जवान भी हथियार से लैस होने चाहिए। निहत्थे व डंडे के दम पर अपराधियों को दबोचना व सामना करना जानलेवा साबित हो सकता है। मंगलवार रात को खतरनाक अपराधियों के साथ साथ मुठभेड़ सबक देने वाली वारदात है। कुछ माह पहले तक पांवटा के यमुनाघाट, बहराल, हरियाणा सीमा से लगते बहराल व कालाअंब पुलिस चैक पोस्ट थे। इनमें एक वर्ष पहले तक एक हवलदार और 4 पुलिस कांस्टेबल समेत करीब 5 जवान तैनात रहते हैं लेकिन अब यह चैक पोस्टें हटा दी गईं हैं।
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बॉक्स के लिए---
सूचना मिलने पर नाममात्र पुलिस तैनात क्यों
सिरमौर पुलिस को चंडीगढ़ पुलिस से सूचना मिल चुकी थी। शातिर अपराधियों के उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश करने की संभावना के चलते अलर्ट की बात कही गई। इनकी लोकेशन उत्तराखंड में पाई गई। ऐसे में सवाल उठता है कि संवेदनशील यमुनाघाट बैरियर पर मंगलवार रात को निहत्थे एवं नाममात्र एक पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात रहे। आखिर क्यों यहां पर पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। पुलिस को सही सूचना नहीं मिली या फिर सूचना को ही हल्के में ले लिया गया।
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जानलेवा साबित हो सकती है आधी-अधूरी सूचना--
हिमाचल पुलिस को मिली आधी अधूरी सूचना जानलेवा साबित हो सकती थी। सिरमौर पुलिस की मानें तो केवल इतनी सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन पांवटा क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। हथियारों से लैस बदमाशों के होने की सूचना पुलिस को नहीं थी। एसपी सिरमौर सौम्या साम्बशिवन का कहना है कि मंगलवार को पंजाब-चंडीगढ़ पुलिस से पूरी जानकारी नहीं मिली। सूचना केवल इतनी दी गई, कि एक संदिग्ध वाहन पांवटा क्षेत्र में प्रवेश कर सकत है जिसके चलते वाहनों की चेकिंग की गई।
--निहत्थे जवान कैसे करें हथियारबंद बदमाशों का सामना
--संवेदनशील बैरियर पर मात्र दो जवान, सवालों में खाकी
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। संवेदनशील माने जाने वाले हिमाचल प्रदेश के अधिकतर बैरियरों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं है। डंडों के दम पर ही बैरियरों का जिम्मा सौंपा गया है। वह भी महज दो जवानों पर। एक पुलिस का और एक होमगार्ड का। हथियारों से लैस होकर यदि कोई आए तो डंडों के सहारे कब तक बैरियरों का जिम्मा संभालेंगे। यमुनाघाट स्थित बैरियर पर फायरिंग की घटना से चंद रोज पहले जिला बिलासपुर के गरामोड़ा स्थित बैरियर पर भी गोली चलाई गई थी। इस घटना के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया।
जिला सिरमौर के कई मार्ग संवेदनशील राज्य सीमा से लगते हैं, जिसमें तस्करी व हिट एंड रन समेत वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी चौकसी की जरूरत है। बैरियरों पर हथियारबंद बदमाशों से कभी भी आमना सामना हो सकता है। इसलिए हिमाचल पुलिस जवान भी हथियार से लैस होने चाहिए। निहत्थे व डंडे के दम पर अपराधियों को दबोचना व सामना करना जानलेवा साबित हो सकता है। मंगलवार रात को खतरनाक अपराधियों के साथ साथ मुठभेड़ सबक देने वाली वारदात है। कुछ माह पहले तक पांवटा के यमुनाघाट, बहराल, हरियाणा सीमा से लगते बहराल व कालाअंब पुलिस चैक पोस्ट थे। इनमें एक वर्ष पहले तक एक हवलदार और 4 पुलिस कांस्टेबल समेत करीब 5 जवान तैनात रहते हैं लेकिन अब यह चैक पोस्टें हटा दी गईं हैं।
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सूचना मिलने पर नाममात्र पुलिस तैनात क्यों
सिरमौर पुलिस को चंडीगढ़ पुलिस से सूचना मिल चुकी थी। शातिर अपराधियों के उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश करने की संभावना के चलते अलर्ट की बात कही गई। इनकी लोकेशन उत्तराखंड में पाई गई। ऐसे में सवाल उठता है कि संवेदनशील यमुनाघाट बैरियर पर मंगलवार रात को निहत्थे एवं नाममात्र एक पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात रहे। आखिर क्यों यहां पर पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। पुलिस को सही सूचना नहीं मिली या फिर सूचना को ही हल्के में ले लिया गया।
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जानलेवा साबित हो सकती है आधी-अधूरी सूचना--
हिमाचल पुलिस को मिली आधी अधूरी सूचना जानलेवा साबित हो सकती थी। सिरमौर पुलिस की मानें तो केवल इतनी सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन पांवटा क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। हथियारों से लैस बदमाशों के होने की सूचना पुलिस को नहीं थी। एसपी सिरमौर सौम्या साम्बशिवन का कहना है कि मंगलवार को पंजाब-चंडीगढ़ पुलिस से पूरी जानकारी नहीं मिली। सूचना केवल इतनी दी गई, कि एक संदिग्ध वाहन पांवटा क्षेत्र में प्रवेश कर सकत है जिसके चलते वाहनों की चेकिंग की गई।
--निहत्थे जवान कैसे करें हथियारबंद बदमाशों का सामना
--संवेदनशील बैरियर पर मात्र दो जवान, सवालों में खाकी
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