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पांवटा में बाल मजदूरी का भांडाफोड़, चार कराए मुक्त

Sat, 13 Oct 2018 07:56 PM IST
Updated Sat, 13 Oct 2018 07:56 PM IST
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पांवटा में बाल मजदूरी का भांडाफोड़, चार कराए मुक्त
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा साहिब में चाइल्ड हेल्पलाइन सिरमौर ने बाल मजदूरी का भंडाफोड़ किया है। शिकायत के आधार पर चाइल्ड लाइन की टीम ने शहर में चल रही एक फास्ट फूड की दुकान पर दबिश दी। इस दौरान टीम ने चार बच्चों से बाल मजदूरी करवाते हुए पकड़ा। लिहाजा, श्रम विभाग ने दुकानदार का चालान काटा है। चाइल्ड लाइन ने चारों बच्चों को बाल मजदूरी से भी मुक्त कराया। अब चाइल्ड लाइन ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करेगी।
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जानकारी के अनुसार चाइल्ड लाइन को सूचना मिली थी कि पांवटा साहिब में एक फास्ट फूड की दुकान पर बाल मजदूरी करवाई जा रही है। इस पर चाइल्ड लाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर व टीम सदस्य राजेंद्र सिंह, निशा चौहान व सुंदर सिंह ने श्रम निरीक्षक सोहनलाल व होमगार्ड कर्मी बिशन ठाकुर को साथ लेकर दबिश दी। निरीक्षण के दौरान फास्ट फूड की दुकान पर चार बच्चे बाल मजदूरी करते पाए गए। टीम की ओर से की गई पूछताछ के दौरान पता चला कि इन बच्चों से दुकान का मालिक सुबह 9 से रात 10 बजे तक करीब 11 घंटे बाल मजदूरी करवाकर महज 4-4 हजार रुपये का भुगतान करता है।
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चाइल्ड लाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर ने बताया कि फास्ट फूड की दुकान का निरीक्षण करने से पहले पांवटा पुलिस थाना में डीडी एंट्री करवाई गई थी। इसके बाद श्रम निरीक्षक व होमगार्ड कर्मी को साथ लेकर टीम सदस्यों ने दुकान का निरीक्षण किया। इस मामले में बच्चों से भी पूछताछ की गई है। सभी बच्चे 14-15 साल की उम्र के हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के आयु प्रमाण पत्र भी दुकान मालिक के पास नहीं पाए गए। सभी बच्चों को सोमवार को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
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जिला सिरमौर के होटलों, ढाबों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बाल श्रम धड़ल्ले से करवाया जा रहा है। जिले के कई होटलों और ढाबों के साथ-साथ कई दुकानों में भी बाल मजदूरी को अंजाम दिया जा रहा है। विभाग सिर्फ शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई करता नजर आता है। बाल मजदूरी करने वाले अधिकतर प्रवासी बच्चे हैं। चाय की दुकानों, होटल-ढाबों व अन्य दुकानों में भी बाल श्रम के कई मामले सामने आते रहे हैं।
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