{"_id":"5ccc5a8ebdec22075b0beebd","slug":"131556896398-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिरौती लेने के लिए शातिरों ने चार बार बदली लोकेशन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
फिरौती लेने के लिए शातिरों ने चार बार बदली लोकेशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हरियाणा के लाडवा से व्यापारी के अपहरण के बाद आरोपी फिरौती की रकम लेने के लिए पूरी रणनीति अपनाए हुए थे। बार-बार अपने ठिकाने बदल रहे थे। लेकिन, पुलिस शातिरों से चार कदम आगे निकली। पुलिस ने भी फिल्मी स्टाइल में शातिरों को अपनी गाड़ी से टक्कर मारकर घायल कर दबोच लिया।
शातिर आरोपी फिरौती लेने से पहले आश्वस्त होना चाहते थे कि पुलिस उनके साथ नहीं है। इसलिए बार-बार लोकेशन बदल रहे थे। फिरौती लेने के लिए शातिरों ने चार बार जगह बदली। आखिर में विश्वास होने और भागने में सुविधाजनक सूरजपूर को ही चुना गया। शायद इस बात से अनभिज्ञ थे कि उन्हें हरियाणा पुलिस ने पूरी रणनीति से चक्रव्यूह में फंसा लिया है। आलम यह था कि आरोपियों की तरफ से कोई फायरिंग की आशंका होते ही फायरिंग के लिए भी लाडवा की पुलिस टीम अलर्ट थी।
लाडवा से व्यापारी विनोद कुमार पुत्र मंगल जैन निवासी लाडवा जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) का आरोपियों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद परिजनों को कॉल कर साढ़े 5 लाख फरौती मांगी गई। पुलिस को जानकारी मिलने के बाद हरियाणा के लाडवा पुलिस ने पूरी रणनीति से परिजनों को बताई गई जगह पर फिरौती राशि देने को तैयार किया। आरोपियों की लोकेशन पांवटा क्षेत्र के आसपास ही आ रही थी। लेकिन, शातिर अपहरणकर्ता भी कम नहीं थे। फिरौती राशि लेकर पांवटा आ रहे परिजनों को पहले पांवटा नगर परिषद खेल मैदान के समीप, फिर बाता पुल तो कभी माजरा में होने की बात कहकर घूमाते रहे। अंत में पूरी तसल्ली करने के बाद सूरजपुर में एनएच किनारे का स्थल फिरौती राशि लेने को फाइनल किया। यहां पर भी राशि का बैग मिलते ही फरार होने की कोशिश की लेकिन आपस में संपर्क करते हुए तालमेल से चल रही हरियाणा पुलिस की रणनीति को पूरी तरह आरोपी भांप ही नहीं सके। लाडवा पुलिस की 3-4 अलग गाड़ियों में टीमें पांवटा के आसपास क्षेत्रों में घूम रही थीं। जैसे ही आरोपियों ने कार को सूरजपुर से नाहन की तरफ भगाने के प्रयास किए, हरियाणा की पुलिस टीम के एक वाहन ने करीब सौ मीटर दूर पहुंचने पर ही दूसरे तरफ से वाहन की खिड़की घूमा कर खोल दी। जिससे आरोपियों के वाहन का नियंत्रण असंतुलित हो गया और तेजरफ्तार कार पेड़ से जा टकराई। इसके बाद तेजी से पुलिस टीम ने आसपास मोर्चा संभाल लिया। सूरजपुर के आसपास एकत्र भीड़ को लगा कि पुलिस वालों की गाड़ी की गलती की वजह से हादसा हुआ है। लेकिन, जैसे ही अपहरण और फिरौती की बात पता चली तो सब दंग रह गए। लोगों के सामने फिरौती की राशि वाले बैग को वाहन से निकाल लिया गया। घायलों को लोगों ने बाहर निकाल कर 108 वाहन से पांवटा अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान होश में आते ही एक आरोपी बोला कि गाड़ी में एक बैग रखा था। साथ सिविल ड्रेस में खड़े हरियाणा पुलिस जवान ने कहा कि चिंता छोड़िए सब मिल जाएगा। उपचार
विज्ञापन
होते ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। उधर, डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने कहा कि हरियाणा पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
शातिर आरोपी फिरौती लेने से पहले आश्वस्त होना चाहते थे कि पुलिस उनके साथ नहीं है। इसलिए बार-बार लोकेशन बदल रहे थे। फिरौती लेने के लिए शातिरों ने चार बार जगह बदली। आखिर में विश्वास होने और भागने में सुविधाजनक सूरजपूर को ही चुना गया। शायद इस बात से अनभिज्ञ थे कि उन्हें हरियाणा पुलिस ने पूरी रणनीति से चक्रव्यूह में फंसा लिया है। आलम यह था कि आरोपियों की तरफ से कोई फायरिंग की आशंका होते ही फायरिंग के लिए भी लाडवा की पुलिस टीम अलर्ट थी।
विज्ञापन
लाडवा से व्यापारी विनोद कुमार पुत्र मंगल जैन निवासी लाडवा जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) का आरोपियों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद परिजनों को कॉल कर साढ़े 5 लाख फरौती मांगी गई। पुलिस को जानकारी मिलने के बाद हरियाणा के लाडवा पुलिस ने पूरी रणनीति से परिजनों को बताई गई जगह पर फिरौती राशि देने को तैयार किया। आरोपियों की लोकेशन पांवटा क्षेत्र के आसपास ही आ रही थी। लेकिन, शातिर अपहरणकर्ता भी कम नहीं थे। फिरौती राशि लेकर पांवटा आ रहे परिजनों को पहले पांवटा नगर परिषद खेल मैदान के समीप, फिर बाता पुल तो कभी माजरा में होने की बात कहकर घूमाते रहे। अंत में पूरी तसल्ली करने के बाद सूरजपुर में एनएच किनारे का स्थल फिरौती राशि लेने को फाइनल किया। यहां पर भी राशि का बैग मिलते ही फरार होने की कोशिश की लेकिन आपस में संपर्क करते हुए तालमेल से चल रही हरियाणा पुलिस की रणनीति को पूरी तरह आरोपी भांप ही नहीं सके। लाडवा पुलिस की 3-4 अलग गाड़ियों में टीमें पांवटा के आसपास क्षेत्रों में घूम रही थीं। जैसे ही आरोपियों ने कार को सूरजपुर से नाहन की तरफ भगाने के प्रयास किए, हरियाणा की पुलिस टीम के एक वाहन ने करीब सौ मीटर दूर पहुंचने पर ही दूसरे तरफ से वाहन की खिड़की घूमा कर खोल दी। जिससे आरोपियों के वाहन का नियंत्रण असंतुलित हो गया और तेजरफ्तार कार पेड़ से जा टकराई। इसके बाद तेजी से पुलिस टीम ने आसपास मोर्चा संभाल लिया। सूरजपुर के आसपास एकत्र भीड़ को लगा कि पुलिस वालों की गाड़ी की गलती की वजह से हादसा हुआ है। लेकिन, जैसे ही अपहरण और फिरौती की बात पता चली तो सब दंग रह गए। लोगों के सामने फिरौती की राशि वाले बैग को वाहन से निकाल लिया गया। घायलों को लोगों ने बाहर निकाल कर 108 वाहन से पांवटा अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान होश में आते ही एक आरोपी बोला कि गाड़ी में एक बैग रखा था। साथ सिविल ड्रेस में खड़े हरियाणा पुलिस जवान ने कहा कि चिंता छोड़िए सब मिल जाएगा। उपचार
विज्ञापन
होते ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। उधर, डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने कहा कि हरियाणा पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही है।