{"_id":"6a29698368265300bd059ef9","slug":"court-news-4-nahan-news-c-177-1-nhn1017-180650-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अदालत 5 , महोदय हरियाणा के लिए भी ..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अदालत 5 , महोदय हरियाणा के लिए भी ..
विज्ञापन
बेटे की मौत पर मां को 18.38 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश
- न्यायाधीश गौरव महाजन का फैसला, साल 2023 में अरात गांव के पास हुई कार दुर्घटनाग्रस्त में दो युवकों की हुई थी मौत
- परिजनों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सड़क दुर्घटना में बेटे की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मृतक की मां को 18,38,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि हरियाणा स्थित द न्यू इंडिया एश्योरेंस लिमिटेड को 30 दिनों के भीतर भुगतान करनी होगी। साथ ही, याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। न्यायाधीश गौरव महाजन ने यश खंडूरी और अन्य बनाम संजय कुमार मामले में यह आदेश पारित किया है।
यह दुर्घटना 15 जनवरी 2023 को अरात गांव में अशोला मोड़ के पास हुई थी। कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस घटना में कार चालक कृष्ण शर्मा सहित तहसील संगड़ाह निवासी पंकज शर्मा की चोटों के कारण मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ था। इस दौरान पुलिस ने चालक के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच की थी। साथ ही, मृतक की मां कुब्जा देवी ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में गुहार लगाई थी।
उधर, सुनवाई के दौरान अधिकरण ने मृतक की आय, आयु और आश्रितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे का निर्धारण किया। आदेश में बीमा कंपनी को 18.38 लाख रुपये मुआवजा, 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, याचिका दायर करने की तिथि से अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय संबंधित कार बीमित थी। इसलिए मुआवजे की अदायगी की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की बनती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- न्यायाधीश गौरव महाजन का फैसला, साल 2023 में अरात गांव के पास हुई कार दुर्घटनाग्रस्त में दो युवकों की हुई थी मौत
- परिजनों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सड़क दुर्घटना में बेटे की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मृतक की मां को 18,38,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि हरियाणा स्थित द न्यू इंडिया एश्योरेंस लिमिटेड को 30 दिनों के भीतर भुगतान करनी होगी। साथ ही, याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। न्यायाधीश गौरव महाजन ने यश खंडूरी और अन्य बनाम संजय कुमार मामले में यह आदेश पारित किया है।
यह दुर्घटना 15 जनवरी 2023 को अरात गांव में अशोला मोड़ के पास हुई थी। कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस घटना में कार चालक कृष्ण शर्मा सहित तहसील संगड़ाह निवासी पंकज शर्मा की चोटों के कारण मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ था। इस दौरान पुलिस ने चालक के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच की थी। साथ ही, मृतक की मां कुब्जा देवी ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में गुहार लगाई थी।
विज्ञापन
उधर, सुनवाई के दौरान अधिकरण ने मृतक की आय, आयु और आश्रितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे का निर्धारण किया। आदेश में बीमा कंपनी को 18.38 लाख रुपये मुआवजा, 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, याचिका दायर करने की तिथि से अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय संबंधित कार बीमित थी। इसलिए मुआवजे की अदायगी की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की बनती है।
विज्ञापन