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Sirmour News: अदालत 4
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चल और अचल संपत्ति पर सिर्फ दो बेटों को ही वैध उत्तराधिकार
नाहन (सिरमौर)। जिला अदालत में भूमि अधिग्रहण मामलों में उत्तराधिकार से जुड़े विवाद को लेकर सुनवाई हुई। इसमें दिवंगत सुमित्रा देवी के कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृतका की संपत्ति पर अधिकार केवल उनके बेटे लाजिंद्र सिंह और कमलेंद्र सिंह का ही होगा।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 1 नियम 10 के तहत आवेदन दायर किया गया था। इसमें सुमित्रा देवी के निधन के बाद उनके कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग की गई थी। सुमित्रा देवी की मृत्यु 18 जुलाई 2021 को उस समय हो गई थी, जब संबंधित भूमि संदर्भ याचिका अदालत में लंबित थी। उनके वारिसों के रूप में कई नाम सामने आए। इनमें बेटियां, भतीजी, भतीजे सहित 10 लोग शामिल थे।
अदालत के समक्ष प्रस्तुत वसीयत और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र के आधार पर यह पाया गया कि मृतका की अचल संपत्ति केवल उनके दो बेटों लाजिंद्र सिंह और कमलेंद्र सिंह को ही सौंपी गई थी। इसी आधार पर अदालत ने दोनों को ही वैध उत्तराधिकारी मानते हुए रिकॉर्ड में शामिल करने का आदेश दिया। अब अदालत ने मुआवजा राशि जारी करने से संबंधित आवेदन के लिए 20 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है।
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संवाद
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नाहन (सिरमौर)। जिला अदालत में भूमि अधिग्रहण मामलों में उत्तराधिकार से जुड़े विवाद को लेकर सुनवाई हुई। इसमें दिवंगत सुमित्रा देवी के कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृतका की संपत्ति पर अधिकार केवल उनके बेटे लाजिंद्र सिंह और कमलेंद्र सिंह का ही होगा।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 1 नियम 10 के तहत आवेदन दायर किया गया था। इसमें सुमित्रा देवी के निधन के बाद उनके कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग की गई थी। सुमित्रा देवी की मृत्यु 18 जुलाई 2021 को उस समय हो गई थी, जब संबंधित भूमि संदर्भ याचिका अदालत में लंबित थी। उनके वारिसों के रूप में कई नाम सामने आए। इनमें बेटियां, भतीजी, भतीजे सहित 10 लोग शामिल थे।
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अदालत के समक्ष प्रस्तुत वसीयत और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र के आधार पर यह पाया गया कि मृतका की अचल संपत्ति केवल उनके दो बेटों लाजिंद्र सिंह और कमलेंद्र सिंह को ही सौंपी गई थी। इसी आधार पर अदालत ने दोनों को ही वैध उत्तराधिकारी मानते हुए रिकॉर्ड में शामिल करने का आदेश दिया। अब अदालत ने मुआवजा राशि जारी करने से संबंधित आवेदन के लिए 20 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है।
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