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Sirmour News: अदालत 3
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जमीन विवाद में बहनों को झटका : खारिज की अपील
नाहन। जमीन के एक पुराने विवाद में अदालत ने दो बहनों को बड़ा झटका देते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में देरी और लापरवाही के कारण एकतरफा (एक्स-पार्टी) आदेश को रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि न्याय पाने के लिए पक्षकारों को समय पर और सतर्क रहना जरूरी है, केवल प्रक्रियात्मक आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
अदालत में अपील दायर कर मांग की थी कि सिविल जज के 14 नवंबर 2025 को उनके खिलाफ पारित एकतरफा आदेश को रद्द किया जाए। उनका कहना था कि उन्होंने वकील के माध्यम से केस लड़ा। सह-प्रतिवादी ने उन्हें गलत जानकारी दी कि मामला सुलझ गया है। इसी कारण वे समय पर अदालत में पेश नहीं हो सकीं। अदालत ने सुनवाई के बाद पाया कि अपीलकर्ताओं ने देरी का ठोस कारण नहीं बताया। यह साबित नहीं हुआ कि उन्हें जानबूझकर गुमराह किया गया। अब अदालत के ट्रायल कोर्ट के पुराने आदेश को बरकरार रखा है।
संवाद
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नाहन। जमीन के एक पुराने विवाद में अदालत ने दो बहनों को बड़ा झटका देते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में देरी और लापरवाही के कारण एकतरफा (एक्स-पार्टी) आदेश को रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि न्याय पाने के लिए पक्षकारों को समय पर और सतर्क रहना जरूरी है, केवल प्रक्रियात्मक आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
अदालत में अपील दायर कर मांग की थी कि सिविल जज के 14 नवंबर 2025 को उनके खिलाफ पारित एकतरफा आदेश को रद्द किया जाए। उनका कहना था कि उन्होंने वकील के माध्यम से केस लड़ा। सह-प्रतिवादी ने उन्हें गलत जानकारी दी कि मामला सुलझ गया है। इसी कारण वे समय पर अदालत में पेश नहीं हो सकीं। अदालत ने सुनवाई के बाद पाया कि अपीलकर्ताओं ने देरी का ठोस कारण नहीं बताया। यह साबित नहीं हुआ कि उन्हें जानबूझकर गुमराह किया गया। अब अदालत के ट्रायल कोर्ट के पुराने आदेश को बरकरार रखा है।
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