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Sirmour News: अदालत 2
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जमीन विवाद मामले में राजस्व विभाग जाने के निर्देश
नाहन। जिला मुख्यालय की सिविल अदालत ने भूमि विवाद के एक मामले में दायर सिविल सूट को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह मामला राजस्व अभिलेखों से संबंधित है और इसकी सुनवाई का अधिकार राजस्व अधिकारियों के पास है। इसलिए याचिकाकर्ता को उचित राहत के लिए राजस्व प्राधिकरण के समक्ष जाना होगा। यह आदेश सुनील कुमार बनाम राम प्यारी व अन्य मामले में सुनाया। मामले में वादी ने अदालत से घोषणा (डिक्लेरेशन) और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग करते हुए कहा था कि संबंधित भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में की गई प्रविष्टियां गलत हैं और एक गिफ्ट डीड को शून्य घोषित किया जाए। अदालत ने पाया कि वादी ने पहले राजस्व अधिकारियों के समक्ष भी अपील दायर की थी, जो बाद में खारिज हो गई थी। इसके बावजूद उसी कारण से सिविल कोर्ट में नया मामला दायर किया गया। अदालत ने आर्डर 7 रूल 11 सीपीसी के तहत दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए सिविल सूट को खारिज कर दिया और वादी को उचित राहत के लिए संबंधित राजस्व प्राधिकरण के पास जाने की सलाह दी।
संवाद
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नाहन। जिला मुख्यालय की सिविल अदालत ने भूमि विवाद के एक मामले में दायर सिविल सूट को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह मामला राजस्व अभिलेखों से संबंधित है और इसकी सुनवाई का अधिकार राजस्व अधिकारियों के पास है। इसलिए याचिकाकर्ता को उचित राहत के लिए राजस्व प्राधिकरण के समक्ष जाना होगा। यह आदेश सुनील कुमार बनाम राम प्यारी व अन्य मामले में सुनाया। मामले में वादी ने अदालत से घोषणा (डिक्लेरेशन) और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग करते हुए कहा था कि संबंधित भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में की गई प्रविष्टियां गलत हैं और एक गिफ्ट डीड को शून्य घोषित किया जाए। अदालत ने पाया कि वादी ने पहले राजस्व अधिकारियों के समक्ष भी अपील दायर की थी, जो बाद में खारिज हो गई थी। इसके बावजूद उसी कारण से सिविल कोर्ट में नया मामला दायर किया गया। अदालत ने आर्डर 7 रूल 11 सीपीसी के तहत दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए सिविल सूट को खारिज कर दिया और वादी को उचित राहत के लिए संबंधित राजस्व प्राधिकरण के पास जाने की सलाह दी।
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