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Sirmour News: 8 साल पुराने जमीन विवाद में अवैध कब्जा हटाने के आदेश

Thu, 07 May 2026 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 11:51 PM IST
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court decession sirmour
शिलाई कोर्ट ने वादी की याचिका खारिज की, 11 बिस्वा जमीन खाली करने के लिए 30 दिन का दिया समय
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कोर्ट ने कहा-कब्जे से मालिकाना हक नहीं मिलता, एडवर्स पजेशन साबित करना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जमीन विवाद के 8 साल पुराने मामले में अदालत ने वादी की याचिका खारिज करते हुए प्रतिवादी के पक्ष में फैसला दिया है। सिविल जज विकास कपूर की अदालत ने अवैध कब्जा मानते हुए कब्जाधारी को जमीन खाली करने का आदेश दिया है।

यह मामला शिलाई उपमंडल के एक गांव की जमीन से जुड़ा है। वादी जगत सिंह का दावा था कि वह वर्षों से जमीन पर काबिज है और प्रतिवादी उसे जबरन बेदखल करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, प्रतिवादी लायक राम ने कहा कि वादी ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि वादी अपने कब्जे को कानूनी रूप से साबित नहीं कर पाया। विशेष रूप से एडवर्स पजेशन (विपरीत कब्जा) का दावा भी साबित नहीं हो सका। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड और डिमार्केशन रिपोर्ट में 11 बिस्वा जमीन पर अवैध कब्जा सामने आया है। कोर्ट ने फैसले के मुख्य बिंदु में वादी की स्थायी निषेधाज्ञा की मांग खारिज करते हुए प्रतिवादी का काउंटर क्लेम स्वीकार किया। साथ ही वादी को 30 दिनों के भीतर जमीन खाली करने के साथ-साथ भविष्य में बाकी जमीन पर दखल देने से भी रोका गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूत के केवल पुराने कब्जे के आधार पर जमीन पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता।
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