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कंप्यूटर शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही सरकार
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नाहन (सिरमौर)। प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार पर सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेतराम ठाकुर, सचिव अश्विनी शर्मा, जिला अध्यक्ष धनबीर सिंह, भारत राणा, शमशेर राणा, दिनेश कुमार, प्रकाश राणा, भगत, सूर्या, हरिचंद, रवि दत्त शर्मा, अमर भारद्वाज, संजय तोमर, करतार सिंह, जितेंद्र, जोगिंदर सिंह, इंदर आदि ने यहां जारी बयान में कहा कि कंप्यूटर शिक्षक 20 साल से सेवाएं दे रहे हैं। उनके लिए सरकार ने कोई नीति नहीं बनाई।
वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1341 कंप्यूटर शिक्षक कार्यरत हैं जिनका सेवा विस्तार 30 जून को समाप्त हुआ है लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक कंप्यूटर शिक्षकों पर कोई फैसला नहीं ले पाया है। इनकी हाजिरी तक नहीं लग रही है। मामला कोर्ट में चल रहा है। 20 साल की नौकरी के बाद वह सभी सड़क पर आ गए हैं जिससे कंप्यूटर शिक्षकों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा विभाग में हर वर्ग को राहत दी है लेकिन उनके साथ सौतेला व्यवहार ही किया जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर उनको नियमित कर अपने अधीन करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो आईटी शिक्षा चल रही है उसके विस्तार में कंप्यूटर शिक्षकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि उनको विश्वास है कि सरकार उनके हित में फैसला लेकर नियमितीकरण का फैसला लेगी।
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वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1341 कंप्यूटर शिक्षक कार्यरत हैं जिनका सेवा विस्तार 30 जून को समाप्त हुआ है लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक कंप्यूटर शिक्षकों पर कोई फैसला नहीं ले पाया है। इनकी हाजिरी तक नहीं लग रही है। मामला कोर्ट में चल रहा है। 20 साल की नौकरी के बाद वह सभी सड़क पर आ गए हैं जिससे कंप्यूटर शिक्षकों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा विभाग में हर वर्ग को राहत दी है लेकिन उनके साथ सौतेला व्यवहार ही किया जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर उनको नियमित कर अपने अधीन करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो आईटी शिक्षा चल रही है उसके विस्तार में कंप्यूटर शिक्षकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि उनको विश्वास है कि सरकार उनके हित में फैसला लेकर नियमितीकरण का फैसला लेगी।
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