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कृषि और बिजली विधेयक के खिलाफ सड़क पर जताया रोष
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उपायुक्त परिसर के बाहर कृषि कानूनों व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते सीटू कार्यकर्
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। हिमाचल किसान सभा और सीटू ने तीन नए कृषि बिलों, बिजली विधेयक और चार लेबर कोड कानून के विरोध में नाहन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली भी निकाली। इस दौरान दोनों संगठनों के लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शनकारी सुबह 12 बजे जिला मुख्यालय नाहन में देहली गेट पर एकत्रित हुए जहां से प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। रैली, पुलिस लाइन, महिमा पुस्तकालय से होती हुई उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंचकर समाप्त हुई। यहां पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सीटू के महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार को गरीब, किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हाथों में कठपुतली बनी हुई है। उन्हीं के फायदे के लिए कानून ला रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए किसान-मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है लेकिन सरकार अन्नदाता और मेहनतकश की एक नहीं सुन रही है। किसान दिल्ली बार्डर पर 9 महीने से हर मौसम की मार झेलता हुआ शांति प्रदर्शन कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार अपनी हठ और अहम के कारण कृषि बिलों को वापस नहीं ले रही है।
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इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर, किसान सभा नाहन के महासचिव बलदेव सिंह के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसके माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने उनसे तीनों नए कृषि कानूनों और बिजली विधेयक को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने, मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, खाद्य एवं पेट्रो वस्तुओं की कीमतें कम करने, सार्वजनिक क्षेत्र मेें निजीकरण बंद करने की मांग की।
इस मौके पर जनवादी महिला समिति की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संतोष कपूर, सीटू कोषाध्यक्ष आशीष कुमार, सतपाल मान सहित दर्जनों प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारी सुबह 12 बजे जिला मुख्यालय नाहन में देहली गेट पर एकत्रित हुए जहां से प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। रैली, पुलिस लाइन, महिमा पुस्तकालय से होती हुई उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंचकर समाप्त हुई। यहां पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सीटू के महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार को गरीब, किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हाथों में कठपुतली बनी हुई है। उन्हीं के फायदे के लिए कानून ला रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए किसान-मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है लेकिन सरकार अन्नदाता और मेहनतकश की एक नहीं सुन रही है। किसान दिल्ली बार्डर पर 9 महीने से हर मौसम की मार झेलता हुआ शांति प्रदर्शन कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार अपनी हठ और अहम के कारण कृषि बिलों को वापस नहीं ले रही है।
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इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर, किसान सभा नाहन के महासचिव बलदेव सिंह के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसके माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने उनसे तीनों नए कृषि कानूनों और बिजली विधेयक को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने, मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, खाद्य एवं पेट्रो वस्तुओं की कीमतें कम करने, सार्वजनिक क्षेत्र मेें निजीकरण बंद करने की मांग की।
इस मौके पर जनवादी महिला समिति की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संतोष कपूर, सीटू कोषाध्यक्ष आशीष कुमार, सतपाल मान सहित दर्जनों प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।