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Sirmour News: ऐतिहासिक चौगान मैदान की बदहाली से खिलाड़ी पस्त, नगर परिषद कमाई में व्यस्त

Fri, 24 Jul 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:58 PM IST
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chaugan maidan condition
खेल-
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व्यावसायिक आयोजनों और मेलों ने बिगाड़ी मैदान की सूरत, खिलाड़ी हो रहे चोटिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शहर के एकमात्र ऐतिहासिक खेल मैदान चौगान की दुर्दशा ने स्थानीय युवा खिलाड़ियों के भविष्य और उनकी खेल भावना को संकट में डाल दिया है। नगर परिषद नाहन ने इस ऐतिहासिक धरोहर को अपनी आय का मुख्य जरिया तो बना लिया है, लेकिन इसके समुचित रखरखाव और जीर्णोद्धार को लेकर प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। इसके चलते प्रतिदिन अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों में गहरा रोष है।
नगर परिषद द्वारा इस खेल मैदान को राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बड़े व्यावसायिक मेलों और झूलों के लिए लगातार किराये पर दिया जा रहा है। इन आयोजनों से प्रशासन को मोटा मुनाफा तो हो रहा है, लेकिन इसके बाद मैदान की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मेलों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पूरे मैदान में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो जाते हैं। हालांकि, आयोजनों के बाद इन गड्ढों को औपचारिक रूप से भर तो दिया जाता है, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से समतल न किए जाने के कारण पूरा मैदान असमतल हो चुका है। मैदान की प्राकृतिक हरी घास पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
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स्थानीय खिलाड़ी सुरेश, मुकेश, जसवीर और सलीम ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि मैदान की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि फुटबॉल और क्रिकेट खेलते समय खिलाड़ी लगातार चोटिल हो रहे हैं। पहले नगर परिषद मानसून के मौसम में घास उगाने के लिए कुछ समय के लिए मैदान को बंद रखती थी, जिससे मैदान की हरियाली लौट आती थी। अब न तो यहां नई घास लगाने का कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही इसकी सुरक्षा की चिंता है। मैदान का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह बंजर और असमतल हो चुका है, जहां हल्की सी बारिश होते ही जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।
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शहर के युवा एथलीटों और खिलाड़ियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस ऐतिहासिक मैदान को अविलंब खेल के अनुकूल समतल किया जाए और यहां दोबारा हरी घास लगाने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। खिलाड़ियों का स्पष्ट कहना है कि यदि शहर के इस एकमात्र खेल मैदान को बचाना है, तो यहां खेल गतिविधियों के अलावा अन्य सभी प्रकार के व्यावसायिक, राजनीतिक और गैर-खेल आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
---संवाद----------
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