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हिमाचल किसान सभा ने बजट को बताया किसान विरोधी
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिरमाौर
Updated Tue, 01 Mar 2016 07:50 PM IST
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हिमाचल किसान सभा जिला कमेटी की बैठक जिला अध्यक्ष रमेश वर्मा व राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा की अध्यक्षता में किसान सभा कार्यालय नाहन में हुई।
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राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार की ओर से जो बजट प्रस्तुत किया गया है वह पूरी तरह से किसान विरोधी है। सरकार की करनी और कथनी में बहुत अंतर है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह किसान विरोधी नीतियों को बदलने के लिए एकजुट हों।
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जिला अध्यक्ष रमेश वर्मा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी किसान विरोधी नीतियां बना रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नियम 102 के तहत 28 अगस्त 2015 को 10 बीघा तक के कब्जों को नियमित करने व जब तक नीति नहीं बनती तब तक कब्जाधारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का जो संकल्प प्रस्ताव लाया था उस पर कोई गौर नहीं हुआ। इसलिए जिला किसान सभा 4 अप्रैल को तहसील मुख्यालयों व वन मंडल कार्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेगी।
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जिला महासचिव गुरविंदर सिंह ने बताया कि 3 व 4 मई को भूमि के बेदखली के मुद्दे पर राज्य सचिवालय के समक्ष शिमला में 24 घंटे के धरना प्रदर्शन में जिला के 500 किसान भाग लेंगे। बैठक में अमर चंद, बाबू नारायण, आशा ठाकुर, बलदेव सिंह, जगदीश पुंडीर, राम सिंह, सतपाल मान, जगदीश चंद, ओम प्रकाश, दलीप तोमर, लायक राम, जगदीश रमौल आदि उपस्थित थे।